उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा: कैसे शिक्षा, कानून व्यवस्था ने बदली तस्वीर
उत्तर प्रदेश ने बीमारू राज्य की छाया से निकलकर विकास के फलक पर चमक बिखेर दिया है। शिक्षा, कानून व्यवस्था और आधारभूत ढांचे ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। वर्ष 2017 के बाद स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल कॉलेजों में विस्तार हुआ है। महिला सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और निवेश में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

सौजन्य से:- Jagran
उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा: शिक्षा कानून व्यवस्था और आधारभूत ढांचे से बदली तस्वीर
दैनिक जागरण की 'उत्तर प्रदेश विकास यात्रा गोष्ठी' में विद्वानों ने बताया कि कैसे शिक्षा, कानून व्यवस्था और आधारभूत ढांचे ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज ...और पढ़ें
HighLights
- शिक्षा, कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचे ने बदली यूपी की तस्वीर।
- 2017 के बाद स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल कॉलेजों में हुआ विस्तार।
- महिला सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और निवेश में उल्लेखनीय सुधार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बीमारू राज्य की छाया से निकल कर विकास के फलक पर चमक बिखेर रहे उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का समग्र दर्शन शुक्रवार को महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में हुआ। दैनिक जागरण की ओर से उत्तर प्रदेश विकास यात्रा गोष्ठी में विद्वतजन ने इसका रेखाचित्र खींचा तो स्पष्ट हुआ कि किस तरह शिक्षा, कानून व्यवस्था और आधारभूत ढांचे ने उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है।
संचालन करते हुए माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के पूर्व सदस्य डा. दिनेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को देश में एक बीमारू राज्य के रूप में देखा जाता था। उस समय कानून व्यवस्था कमजोर थी, शिक्षा व्यवस्था गुणवत्ताहीन थी और विकास की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं थी। परीक्षाओं की निष्पक्षता और समयबद्ध परिणामों पर भी लगातार सवाल उठते थे। योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं, बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी सुविधाओं ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दी है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के सह आचार्य डा. महेंद्र सिंह ने कहा कि दैनिक जागरण की उत्तर प्रदेश विकास यात्रा लोकतांत्रिक संवाद और जनभागीदारी को मजबूत करने वाली सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचा और निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। उनके अनुसार सुदृढ़ कानून व्यवस्था सरकार का सबसे बड़ा आर्थिक और सामाजिक हस्तक्षेप साबित हुई, जिससे निवेश और व्यापार का माहौल बेहतर हुआ।
गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ सभागार में दैनिक जागरण विकास यात्रा के तहत आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित लोग। जागरण
वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. वाई सिंह ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 47 मेडिकल कालेज थे, जिनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है। एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ी हैं, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, एंबुलेंस सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में आइसीयू सुविधाओं का विस्तार हुआ है। स्वच्छता और जागरूकता बढ़ने से संक्रामक रोगों में कमी आई है। पूर्वांचल में जापानी इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण इसका बड़ा उदाहरण है। आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना ने उपचार की तस्वीर बदल दी है।
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एडवोकेट रूपल त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था और जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित थे, जबकि आज वे प्रशासन, खेल सहित हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
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इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन से किया। इस दौरान आलोक चौरसिया, अमित टिबड़ेवाल, नितिन जायसवाल, गोपाल जायसवाल, मनीष सिंह, आदिल अमीन, मनीष सर्राफ, सुरेश जायसवाल, संतोष गुप्ता, राकेश उपाध्याय, राकेश श्रीवास्तव, पुर्णेंदू शुक्ल, माधवेंद्र पांडेय, रामनाथ निषाद, सुभाष दुबे, शिवेंद्र पांडेय, काशी नरेश चौबे, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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