सीवरेज लाइन से गंदा पानी: आदेश भी बेअसर, लोगों को हो रही परेशानी
आलनपुर क्षेत्र के राजकीय विद्यालय एवं जैन स्थानक के पास सीवरेज लाइन से गंदा पानी बहने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थायी लोक अदालत के आदेश भी बेअसर साबित हुए हैं

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Sawai madhopur
- The Orders Of The Permanent Lok Adalat Are Also Ineffective, Water Is Flowing From The Sewerage Line.
स्थायी लोक अदालत के आदेश भी बेअसर, सीवरेज लाइन से बह रहा पानी
- कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | सवाई माधोपुर
आलनपुर क्षेत्र के वार्ड संख्या 46 स्थित राजकीय विद्यालय एवं जैन स्थानक के पास कई दिनों से सीवरेज लाइन से गंदा पानी बहने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले गंदे पानी से दुर्गंध फैल रही है और विद्यार्थियों सहित राहगीरों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार नगर परिषद अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। मामले को लेकर स्थायी लोक अदालत में 13 अगस्त को पारित आदेश में नगर परिषद को एक माह के भीतर वार्ड 46 की सीवरेज लाइन को एसटीपी से जोड़कर लीकेज बंद करने तथा नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आज तक आदेश की पालना नहीं हुई है। इतना ही नहीं, 30 जून 2026 को राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन विभाग द्वारा बिना मौके पर स्थायी समाधान किए ही सीवरेज लाइन को सही बताते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। इससे शिकायतकर्ता ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रामक जानकारी देकर आमजन को गुमराह करने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से सीवरेज समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मानगो चौक में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूकता रथ अभियान

हरियाणा में 12 सितंबर को ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने लोक अदालत, कार‑बाइक मालिकों के लिए अवसर

महराजगंज में अवकाशकालीन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए डीएम‑एसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा बढ़ाने पर जोर

सत्य निकेतन हादसे के बाद अतिरिक्त मंजिलों को सील करने में सरकारी नियमों की अड़चन

हमारी नदियों की ज़िन्दगी के लिए एक नया दृष्टिकोण

नदियों की संकट स्थिति: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से बढ़ रही चुनौतियाँ

वाराणसी में पेंशनधारकों के लिए 15 दिसंबर को पेंशन अदालत का संचालन
ताज़ा ख़बरें
- जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव से नदियों की बिगड़ती स्थिति—इन्हें इंसान मानना बदल सकता है?
- नदियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखें: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या का बढ़ता दबाव
- नदियाँ भी मनुष्य हैं: उनके संकट पर नया दृष्टिकोण
- कुशीनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक‑ऋण व पारिवारिक विवाद सुलह‑समझौते से सुलझेंगे
- रक्तरंजित धारा: जलवायु‑परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से नदियों की संकटग्रस्त स्थिति
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता रैली निकाली
- नदियों को मानवीकृत करें? क्या इससे जल संकट में बदलाव आ सकता है?
- नदियों की दुविधा: जलवायु, प्रदूषण और जनसंख्या के साथ संघर्ष

