UP: यूपी सरकार बना रही है खतरनाक मांझे पर सख्त कानून, बिक्री और उपयोग पर रोक
उत्तर प्रदेश सरकार खतरनाक मांझे से हो रही मौतों और घायल होने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई हुई। राज्य सरकार घातक मांझे के निर्माण और उपयोग को रोकने के लिए जल्द ही सख्त कानून बना रही है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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UP: राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दिया जवाब- खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध का यूपी सरकार बना रही कानून
Mon, 03 Aug 2026 11:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:35 PM IST
सार
राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रस्तावित कानून का नाम ''उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम'' होगा। नए कानून के तहत पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जा रहा है।
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विस्तार
राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश में खतरनाक मांझे से हो रही मौतों और लोगों के घायल होने के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि सरकार घातक मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए जल्द ही सख्त कानून बना रही है। इस कानून को मंजूरी के लिए उचित स्तर पर भेजा गया है।
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न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने सरकार को समय देते हुए दो माह बाद अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि प्रस्तावित कानून का नाम ''उत्तर प्रदेश घातक मांझा (निर्माण, बिक्री और उपयोग निषेध) अधिनियम'' होगा। इस नए कानून के तहत पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जा रहा है। यह आदेश वर्ष 2018 में स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर दिया गया था। याचिका में जानलेवा चीनी मांझे पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।
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नए कानून का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश सरकार पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कांच के कणों से युक्त घातक चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाएगी। इस कानून को जल्द ही लागू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य चीनी मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। पीड़ितों को मुआवजा देने का प्रावधान भी इसमें शामिल होगा।
हाईकोर्ट के पूर्व के निर्देश
इससे पहले कोर्ट ने चीनी मांझे की ऑनलाइन उपलब्धता रोकने पर केंद्र सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार को भी चीनी मांझे के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाने को कहा गया था। मई में हुई सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कई प्रमुख सचिवों और पुलिस महानिदेशक को तलब किया था। 13 जुलाई को इन अफसरों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होकर कोर्ट को आवश्यक जानकारी दी थी। उन्होंने प्रतिबंधित चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
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