होमवकीलसुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत

हिमाचल प्रदेश के बागवानी विभाग के सचिव सी पाल रासु के खिलाफ वेतन में कटौती और अवमानना नोटिस के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रूप से स्थगित कर दिया है। राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर अदालत ने आदेश पर रोक लगाते हुए प्रतिवादियों को जवाब देने की समय सीमा दी और अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को निर्धारित की।

23 सितंबर 2026 को 12:04 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत

सौजन्य से:- Amar Ujala

हिमाचल: सचिव बागवानी का वेतन कुर्क करने और अवमानना मामले में सरकार को सुप्रीम राहत, जानें पूरा मामला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के बागवानी विभाग सचिव सी पाल रासु का वेतन कुर्क और अवमानना नोटिस मामले में दिए गए आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग में विश्व बैंक प्रोजेक्ट के कर्मचारियों के नियमितीकरण और निष्पादन याचिकाओं से जुड़े मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के बागवानी विभाग सचिव सी पाल रासु का वेतन कुर्क और अवमानना नोटिस मामले में दिए गए आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादी नितिन ठाकुर और अन्य को नोटिस जारी किया है। अदालत ने प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 6 अक्तूबर को तय की है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन और अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। वहीं, प्रतिवादियों की ओर से कैविएट दाखिल की गई है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने विश्व बैंक वित्तपोषित परियोजना के तहत नियुक्त अनुबंध कर्मचारियों के मामले में अदालती आदेशों की लगातार अवहेलना करने पर राज्य सरकार और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 7 अगस्त और 11 सितंबर को बागवानी विभाग के सचिव के खिलाफ प्रथमदृष्टया अवमानना का मामला मानते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है और उनका वेतन कुर्क करने के आदेश दिए थे।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग

दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश
वकील

दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश

लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश
वकील

लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के प्रीमियम FAR योजना पर सरकार को नोटिस जारी किया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के प्रीमियम FAR योजना पर सरकार को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को मुनाफ़ा‑उपार्जन संस्था नहीं चलाने की चेतावनी
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को मुनाफ़ा‑उपार्जन संस्था नहीं चलाने की चेतावनी

ताज़ा ख़बरें