सुप्रीम कोर्ट ने TMC नाम‑चिह्न विवाद पर EC से अंतिम निर्णय की समयसीमा मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के विवाद में चुनाव आयोग को अंतिम फैसला कब तक देंगे, इसकी समयसीमा पूछी। कोर्ट ने बताया कि आयोग मामले की सुनवाई तेज़ी से कर सकता है और आवश्यकता पड़ने पर लगातार सुनवाई कर अंतिम निर्णय ले सकता है। ममता बनर्जी की वकील टीम ने आगामी 6 अक्टूबर के विधानसभा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए चुनाव पर रोक लगाने की मांग को असंभव बताया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
TMC चुनाव-चिह्न विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगी अंतिम फैसले की समयसीमा
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Published : September 25, 2026 at 9:18 AM IST
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न जोड़ा घास फूल को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि वह इस विवाद पर अंतिम फैसला कब तक लेगा. कोर्ट ने आयोग से फैसले की समयसीमा की जानकारी देने को कहा है. बेंच ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी है, जिसमें TMC के मूल नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है. सुनवाई के दौरान बेंच ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू से पूछा कि आयोग इस विवाद पर अंतिम निर्णय लेने में कितना समय लेगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आयोग मामले की सुनवाई तेजी से कर सकता है और जरूरत पड़ने पर लगातार सुनवाई करके सबूत और गवाहों को रिकॉर्ड कर अंतिम फैसला ले सकता है. वहीं, ममता बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए इस समय चुनाव पर रोक लगाने की मांग करना संभव नहीं है। सिब्बल ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई.
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न जोड़ा घास फूल को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि वह इस विवाद पर अंतिम फैसला कब तक लेगा. कोर्ट ने आयोग से फैसले की समयसीमा की जानकारी देने को कहा है. बेंच ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी है, जिसमें TMC के मूल नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है. सुनवाई के दौरान बेंच ने चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू से पूछा कि आयोग इस विवाद पर अंतिम निर्णय लेने में कितना समय लेगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि आयोग मामले की सुनवाई तेजी से कर सकता है और जरूरत पड़ने पर लगातार सुनवाई करके सबूत और गवाहों को रिकॉर्ड कर अंतिम फैसला ले सकता है. वहीं, ममता बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए इस समय चुनाव पर रोक लगाने की मांग करना संभव नहीं है। सिब्बल ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई.
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