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सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड DGP नियुक्ति विवाद में 29 सितंबर को तय की सुनवाई, एक दिन पहले पदस्थापना को माना अनुचित

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने झारखंड में डीजीपी नियुक्ति पर 29 सितंबर को सुनवाई निर्धारित की। कोर्ट ने सेवानिवृत्ति के एक दिन पूर्व तदाशा मिश्रा को डीजीपी बनाये जाने पर आपत्ति जताई और एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट को मान्यता दी। यह भी कहा गया कि नियुक्ति नियमावली बिना किसी विधायी अधिनियम के तैयार की गई थी।

24 सितंबर 2026 को 05:06 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड DGP नियुक्ति विवाद में 29 सितंबर को तय की सुनवाई, एक दिन पहले पदस्थापना को माना अनुचित

सौजन्य से:- Jagran

झारखंड DGP नियुक्ति मामला: सुप्रीम कोर्ट में अब 29 सितंबर को होगी सुनवाई, 1 दिन के लिए DGP बनाने पर जताई आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट झारखंड में डीजीपी नियुक्ति मामले की सुनवाई 29 सितंबर को करेगा।

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट 29 सितंबर को डीजीपी नियुक्ति मामले की सुनवाई करेगा।

- अदालत ने सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले डीजीपी नियुक्ति पर आपत्ति जताई।

- सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर सहमति व्यक्त की।

राज्य ब्यूरो, रांची। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में झारखंड में डीजीपी नियुक्ति को लेकर अब 29 सितंबर को सुनवाई होगी। दरअसल, ओडिशा के डीजीपी की नियुक्ति को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई।

इस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से सालिस्टर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र के पक्ष रखने की बात कही। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 29 सितंबर को तय की। इसी दिन झारखंड डीजीपी नियुक्ति मामले में सुनवाई किए जाने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता बाबूलाल मरांडी का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अभिषेक राय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर सहमति जताई है।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सेवानिवृति के एक दिन पूर्व तदाशा मिश्रा को डीजीपी बनाए जाने पर आपत्ति जताई है। अदालत के समक्ष राज्य सरकार की नियमावली को लेकर भी पक्ष रखा गया था।

कोर्ट को बताया गया था कि डीजीपी नियुक्ति नियमावली बगैर किसी एक्ट के तहत बनाई गई है। सरकार के द्वारा पुलिस एक्ट 1861 के तहत नियुक्ति नियमावली बनाए जाने की बात कही गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी गई कि पुलिस एक्ट 1861 के तहत डीएसपी या उसके नीचे के पदाधिकारी की नियुक्ति नियमावली बनाई जा सकती है।

अखिल भारतीय सेवा के पदाधिकारियों के लिए राज्य की सरकार नियमावली नहीं बना सकती। बता दें कि एमिकस क्यूरी ने भी राज्य में सेवानिवृति के एक दिन पूर्व तदाशा मिश्रा को डीजीपी बनाए जाने को प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार के फैसले के विरूद्ध बताया है।

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