होमवकीलभोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज महत्वपूर्ण सुनवाई, मंदिर पक्ष की नजर है निर्णय पर
वकील

भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज महत्वपूर्ण सुनवाई, मंदिर पक्ष की नजर है निर्णय पर

सुप्रीम कोर्ट में आज भोजशाला विवाद पर सुनवाई होने जा रही है, जिसमें मंदिर पक्ष की नजर है नमाज के वैकल्पिक स्थल को ठुकराने के रुख पर अदालत का निर्णय। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 15 मई के आदेश को चुनौती देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को नमाज के लिए उपयुक्त स्थल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी भी सहमति नहीं बन सकी है।

29 जुलाई 2026 को 12:51 am बजे
भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज महत्वपूर्ण सुनवाई, मंदिर पक्ष की नजर है निर्णय पर

सौजन्य से:- Jagran

भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई, नमाज के वैकल्पिक स्थल को ठुकराने के रुख पर मंदिर पक्ष की नजर

ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट में 29 जुलाई को होने वाली अंतरिम सुनवाई पर मंदिर पक्ष की नजर है। प्रशासन द्वारा नमाज के लिए सुझाए गए वैकल्पिक ...और पढ़ें

HighLights

- मस्जिद पक्ष के अंतरिम आवेदन पर 31 जुलाई की नमाज व्यवस्था को लेकर अदालत के निर्देश का इंतजार

- नमाज के वैकल्पिक स्थल को ठुकराने के रुख पर मंदिर पक्ष की नजर

जेएनएन, धार। ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट में 29 जुलाई को होने वाली अंतरिम सुनवाई पर मंदिर पक्ष की नजर है। प्रशासन द्वारा नमाज के लिए सुझाए गए वैकल्पिक स्थलों पर मस्जिद पक्ष की असहमति को देखते हुए मंदिर पक्ष ने भी अपनी कानूनी तैयारी तेज कर दी है।

मंदिर पक्ष का मानना है कि अंतरिम सुनवाई में अब तक हुए घटनाक्रम, प्रशासन की कार्रवाई और मस्जिद पक्ष के रुख का असर आगे की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। ऐसे में आज की सुनवाई के साथ 31 जुलाई को प्रस्तावित शुक्रवार की नमाज की व्यवस्था पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।

मस्जिद पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 14 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए प्रशासन को प्रत्येक शुक्रवार दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के निकट नमाज के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद प्रशासन ने पहले 40 पीर (मालीवाड़ा) स्थल और बाद में डिस्टिलरी रोड व वन विभाग की भूमि पर दो अन्य वैकल्पिक स्थान तैयार किए, लेकिन इन स्थानों को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है।

फ्रंट फार जस्टिस के जिलाध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बताया कि संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक स्थलों पर मस्जिद पक्ष की ओर से लगातार जताई गई आपत्तियों और अब तक की पूरी कार्यवाही पर संगठन की नजर है। सुनवाई में अदालत के रुख के अनुसार आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी।

खबरें और भी

पांच अगस्त की अंतिम सुनवाई पर भी फोकस

मंदिर पक्ष का कहना है कि बुधवार को होने वाली सुनवाई मुख्य रूप से अंतरिम व्यवस्था और 31 जुलाई की नमाज से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगी, जबकि पांच अगस्त को प्रस्तावित अंतिम सुनवाई में भोजशाला के स्वरूप, पूजा-अर्चना के अधिकार और अन्य कानूनी पहलुओं पर विस्तार से पक्ष रखा जाएगा। संगठन ने संबंधित दस्तावेज और कानूनी तर्कों की तैयारी भी लगभग पूरी कर ली है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
इलाहाबाद हाई कोर्ट में अब फोटो एफिडेविट के लिए और भी महंगा, पहली अगस्त से ये है नई दर
वकील

इलाहाबाद हाई कोर्ट में अब फोटो एफिडेविट के लिए और भी महंगा, पहली अगस्त से ये है नई दर

संभल मस्जिद विवाद में हाई कोर्ट को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं थी, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
वकील

संभल मस्जिद विवाद में हाई कोर्ट को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं थी, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

नंदीशाला में बदसलूकी पर कोर्ट ने नगर परिषद को नोटिस, दोषियों को मांगा जवाब
वकील

नंदीशाला में बदसलूकी पर कोर्ट ने नगर परिषद को नोटिस, दोषियों को मांगा जवाब

राष्‍ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज, जिला न्यायालय में सुलह योग्य मामलों का त्‍वरित समाधान
वकील

राष्‍ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज, जिला न्यायालय में सुलह योग्य मामलों का त्‍वरित समाधान

अहमदाबाद त्रासदी: सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया दुर्घटना रिपोर्ट सार्वजनिक न करने की पायलट पिता की याचिका स्वीकार कर ली
वकील

अहमदाबाद त्रासदी: सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया दुर्घटना रिपोर्ट सार्वजनिक न करने की पायलट पिता की याचिका स्वीकार कर ली

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन एक संवैधानिक अधिकार, पुलिस से मारपीट भी चिंताजनक
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन एक संवैधानिक अधिकार, पुलिस से मारपीट भी चिंताजनक

सुप्रीम कोर्ट की वीडियो जानबूझकर सोशल मीडिया पर नहीं होगी वायरल, जानें क्या है कारण?
वकील

सुप्रीम कोर्ट की वीडियो जानबूझकर सोशल मीडिया पर नहीं होगी वायरल, जानें क्या है कारण?

सांसद ने चेहरे की पहचान तकनीक और बायोमेट्रिक निगरानी के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
वकील

सांसद ने चेहरे की पहचान तकनीक और बायोमेट्रिक निगरानी के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

ताज़ा ख़बरें