चुनावी बंधन योजना में संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बंधन योजना में संशोधन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

सौजन्य से:- Live Law
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चुनावी बंधन योजना में किए गए संशोधन को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संशोधन मतदाताओं के सूचना के अधिकार का उल्लंघन करता है।
Live Law के अनुसार, यह मामला चुनावी बंधन योजना में हुए संशोधन के खिलाफ है, जिसे याचिकाकर्ता असंवैधानिक मानते हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि यह संशोधन मतदाताओं को यह जानने से रोकता है कि राजनीतिक दलों को किस स्रोत से धन मिल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का यह नोटिस इस मामले में एक महत्वपूर्ण विकास है, जिसमें चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे शामिल हैं। Live Law के अनुसार, अदालत ने अपने नोटिस में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में अपना पक्ष कैसे रखती है।
संबंधित ख़बरें

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि समय बदल गया है, विवाह पूर्व यौन संबंध नैतिक अधमता नहीं है

जिंदल पॉली फिल्म्स विवाद, भारत का प्रथम श्रेणी एक्शन सूट, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए भेजा

बिना शादी सहमति से संबंध खराब चरित्र का आधार नहीं: सुप्रीम कोर्ट बोला- रिश्ता टूटने को धोखा नहीं मान सकते, कांस्टेबल की नियुक्ति को मंजूरी दी


