सुप्रीम कोर्ट ने बोनी, जाह्नवी और खुशी कपूर को नोटिस जारी, श्रीदेवी की 2.70 एकड़ जमीन का विवाद फिर तीव्र
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माता बोनी कपूर और उनकी बेटियों जाह्नवी तथा खुशी कपूर को श्रीदेवी से संबंधित 2.70 एकड़ चेन्नई जमीन के विवाद में नोटिस भेजा है। अगली सुनवाई 18 दिसंबर को तय हुई है, जिसमें कोर्ट ने मौजूदा स्थिति बरकरार रखने और विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज को मध्यस्थ नियुक्त करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता, जो दिवंगत एम.सी. चंद्रशेखरन के कानूनी वारिस हैं, 1988 के बिक्री लेनदेन को चुनौती देते हुए संपत्ति में पांच बराबर हिस्सों में से एक हिस्से की मांग कर रहे हैं।

सौजन्य से:- Jagran
श्रीदेवी की संपत्ति पर बढ़ा विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने बोनी कपूर, जाह्नवी और खुशी कपूर को दिया बड़ा झटका, जारी किया नोटिस
दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और उनके परिवार से जुड़ी चेन्नई की 2.70 एकड़ जमीन के संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने ...और पढ़ें
HighLights
- मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी
- याचिकाकर्ताओं ने विवादित संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा किया
आईएएनएस, नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और उनके परिवार से जुड़ी चेन्नई की 2.70 एकड़ जमीन के संपत्ति विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म निर्माता बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर को नोटिस जारी किया।
जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पिल्लै की पीठ ने मामले में अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता का सुझाव देते हुए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज को मध्यस्थ नियुक्त करने की बात कही।
मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। यह याचिका एम.सी. शिवकामी और उनके भाई एम.सी. नटराजन ने दायर की है।
याचिकाकर्ताओं ने विवादित संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा किया है। उनका कहना है कि वे दिवंगत एम.सी. चंद्रशेखरन के कानूनी वारिस हैं और संपत्ति में पांच बराबर हिस्सों में से एक हिस्सा चाहते हैं। याचिकाकर्ताओं ने 1988 में हुए बिक्री लेनदेन को चुनौती दी है।
वहीं, कपूर परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि लेनदेन 19 अप्रैल 1988 का है, जबकि वर्तमान मुकदमा 2025 में दायर किया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में मामले को समय-सीमा से बाधित मानते हुए खारिज कर दिया था।
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