होम›सुप्रीम कोर्ट›लोकतंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की जवाबदेही, चुनावी सुधारों में सक्रिय भूमिका
सुप्रीम कोर्ट

लोकतंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की जवाबदेही, चुनावी सुधारों में सक्रिय भूमिका

भारत में चुनावी सुधारों पर सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत ने मतदाताओं को उम्मीदवारों की जानकारी प्राप्त करने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग को दिशानिर्देश जारी करने के लिए कहा है।

6 जून 2026 को 03:56 pm बजे
लोकतंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की जवाबदेही, चुनावी सुधारों में सक्रिय भूमिका

सुप्रीम कोर्ट भारत में चुनावी सुधारों से जुड़े मामलों पर लगातार सक्रिय निगरानी रख रहा है और समय-समय पर दिए गए अपने निर्णयों और टिप्पणियों के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष बनाने पर जोर दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, लोकतंत्र की नींव तभी मजबूत हो सकती है जब चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह स्वच्छ और सूचना आधारित हो, और मतदाता को उम्मीदवारों के बारे में हर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हो।

सूत्र: सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि मतदाताओं को उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्ति का विवरण, आय के स्रोत और शैक्षणिक योग्यता जैसी जानकारी जानने का अधिकार है। इस उद्देश्य से अदालत ने चुनाव आयोग को भी निर्देशित किया है कि वह नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी करे।

इसके अलावा, अदालत ने आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई है और कहा है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दें।

#चुनावी सुधार#लोकतांत्रिक प्रक्रिया#सुप्रीम कोर्ट

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया
सुप्रीम कोर्ट

मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ
सुप्रीम कोर्ट

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ताज़ा ख़बरें