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मृत महिला के 5 वारिसों को अदालत में पक्षकार बनाने का आदेश, अब वे मुआवजा समझौता करा सकेंगे

नाहन में अदालत ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले में दिवंगत सुमोती देवी के कानूनी वारिसों को पक्षकार बनाया है। वे अब मुआवजा संबंधी कार्यवाही को आगे बढ़ा सकेंगे।

4 जुलाई 2026 को 07:23 pm बजे
मृत महिला के 5 वारिसों को अदालत में पक्षकार बनाने का आदेश, अब वे मुआवजा समझौता करा सकेंगे

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Sirmour News: अदालत 2

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मृत महिला दावेदार के 5 वारिसों को अदालत ने बनाया पक्षकार

नाहन। अदालत ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए दिवंगत सुमोती देवी के पांच कानूनी वारिसों को वाद में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वारिस अब मुआवजा संबंधी कार्यवाही को आगे बढ़ा सकेंगे।

अदालत में दायर आवेदन में बताया गया कि याचिकाकर्ता सुमोती देवी का 26 फरवरी 2019 को निधन हो गया था। उनके पुत्र रोहितास सिंह सहित अन्य कानूनी वारिसों ने मृत्यु प्रमाणपत्र और विधिक वारिस प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर उन्हें मामले में शामिल करने की मांग की। प्रतिवादी पक्ष ने भी इस आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

अदालत ने प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में मृत दावेदारों के कानूनी वारिसों को न्यायहित में रिकॉर्ड पर लाया जा सकता है, ताकि वे मुआवजे के अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न रहें। अदालत ने मुआवजा राशि जारी करने से संबंधित आवेदन पर अगली सुनवाई 31 जुलाई 2026 निर्धारित की है।-- -- -- -- -- --

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नाहन। अदालत ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए दिवंगत सुमोती देवी के पांच कानूनी वारिसों को वाद में पक्षकार बनाने की अनुमति दे दी। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि वारिस अब मुआवजा संबंधी कार्यवाही को आगे बढ़ा सकेंगे।

अदालत में दायर आवेदन में बताया गया कि याचिकाकर्ता सुमोती देवी का 26 फरवरी 2019 को निधन हो गया था। उनके पुत्र रोहितास सिंह सहित अन्य कानूनी वारिसों ने मृत्यु प्रमाणपत्र और विधिक वारिस प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर उन्हें मामले में शामिल करने की मांग की। प्रतिवादी पक्ष ने भी इस आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

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अदालत ने प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में मृत दावेदारों के कानूनी वारिसों को न्यायहित में रिकॉर्ड पर लाया जा सकता है, ताकि वे मुआवजे के अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित न रहें। अदालत ने मुआवजा राशि जारी करने से संबंधित आवेदन पर अगली सुनवाई 31 जुलाई 2026 निर्धारित की है।

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