अलीगढ़ सूतमिल में प्रेमी पराठा समेत सात दुकानें अदालत के आदेश पर ध्वस्त
अलीगढ़ के सूतमिल बीमा नगर में 27 साल पुराने जमीन विवाद के चलते अदालत के निर्देश पर 12 बजे के आसपास बुलडोजर और पुलिस के साथ सात टिनशेड दुकानें, जिसमें प्रेमी पराठा शामिल है, ध्वस्त कर दी गईं। दुकानदारों का दावा है कि उन्हें नोटिस नहीं मिला और वे अदालत में जवाब देने का इरादा रखते हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कब्जा मुक्त कराने की वैध कार्रवाई थी।

सौजन्य से:- Jagran
'प्रेमी पराठा' पर चला बुलडोजर, अलीगढ़ सूतमिल में अदालत के आदेश पर सात और दुकानें ध्वस्त
अलीगढ़ के सूतमिल बीमा नगर में 27 साल पुराने जमीन विवाद को लेकर अदालत के आदेश पर प्रेमी पराठा सहित ...और पढ़ें
HighLights
- अदालती आदेश पर अलीगढ़ सूतमिल में सात दुकानें ध्वस्त
- दुकानदारों का आरोप, बिना नोटिस कार्रवाई, दस्तावेज नहीं देखे
- 27 साल पुराने जमीन विवाद के कारण हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। सूतमिल बीमा नगर में जमीन पर कब्जे को लेकर करीब 27 साल से चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को प्रेमी पराठा समेत सात दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। न्यायालय के आदेश पर दोपहर करीब 12 बजे बुलडोजर व पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने टिनशेड की दुकानों को गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों का आरोप है कि उन्हें पहले कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई।
वे स्वामित्व और किराये से जुड़े दस्तावेज लेकर पहुंचे, लेकिन कागजात दिखाने तक का मौका नहीं मिला। दुकानदारों ने कहा कि वे इस कार्रवाई का जवाब न्यायालय में देंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश पर कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की गई।
1460 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जे को लेकर वर्ष 1990 से चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार रणवीर सिंह, उमा सिंह और उनके चार अन्य भाइयों के बीच वर्ष 1990 से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब 1460 वर्ग मीटर जमीन पर ऑटो व्हीकल से जुड़ी छह टिनशेड दुकानें बनाई गई थीं, जिन पर अलग-अलग लोगों का कब्जा था। यहां कबाड़ व पंचर की दुकानें, दो ऑटो, पुरानी कारों की खरीद-बिक्री तथा मिस्त्री का वर्कशाप चलता था। पीछे चार पक्के कमरे और अन्य निर्माण भी थे।
दुकानदारों का आरोप, दस्तावेज दिखाने का मौका नहीं मिला, न्यायालय में देंगे जवाब
मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन था। बताया गया कि गुरुवार शाम अदालत ने रणवीर सिंह के पक्ष में निर्णय देते हुए कब्जाधारकों के अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। इसी के तहत अब बन्ना देवी व महुआखेड़ा पुलिस की मौजूदगी में यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है।
40 साल से चला रहे थे पराठे का होटल
बुलंदशहर के डिबाई क्षेत्र के गांव तलवार निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि वह करीब 40 साल से यहां पराठे का होटल चला रहे थे। उनका कहना है कि 50-50 वर्ग मीटर की दुकानों के बैनामे उनके पास हैं, इसके बावजूद उनका बहुमंजिला होटल ढहा दिया गया। दुकानदार नत्थू सिंह ने भी दुकान का बैनामा होने का दावा किया।
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प्रशासनिक विभागों ने कार्रवाई से किया इनकार
कार्रवाई के संबंध में एसडीएम कोल, एडीए और नगर निगम ने अपने स्तर से ध्वस्तीकरण कराने से इनकार किया। बन्नादेवी पुलिस के अनुसार, पुलिस बल अदालत के आदेश पर मौके पर गया था और वहां बुलडोजर से कार्रवाई की गई।
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