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हिसार अदालत ने 18‑साल पुराना दवा घोटाला मामला, गुजरात की लिंकन फ़ार्मास्यूटिकल्स के तीन अधिकारियों को दोषी किया

2008‑09 में ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा दवा में एबीटोल साल्ट की कमी की रिपोर्ट दायर करने के बाद यह केस लंबी सुनवाई से गुज़रकर आज समाप्त हुआ। हिसार के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल ने लिंकन फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के मुकेश, महेश और निलेश को दोषी ठहराया और 9 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाने का आदेश दिया।

9 अक्टूबर 2026 को 05:04 am बजे
हिसार अदालत ने 18‑साल पुराना दवा घोटाला मामला, गुजरात की लिंकन फ़ार्मास्यूटिकल्स के तीन अधिकारियों को दोषी किया

सौजन्य से:- Amar Ujala

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हिसार कोर्ट: 18 साल पुराना मामला, गुजरात की दवा कंपनी के अधिकारियों का आज सुनाई जाएगी सजा

Fri, 09 Oct 2026 10:14 AM IST

Naveen

माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

Published by: Naveen

Updated Fri, 09 Oct 2026 10:14 AM IST

सार

जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर ने वर्ष 2008-09 में अदालत में शिकायत दायर की थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। करीब 18 साल बाद गुरुवार को अदालत ने कंपनी से जुड़े तीन अधिकारियों मुकेश, महेश और निलेश को दोषी करार दिया।

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विस्तार

अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दवा की गुणवत्ता से जुड़े करीब 18 साल पुराने मामले में गुजरात की दवा निर्माता कंपनी लिंकन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के तीन अधिकारियों को दोषी करार दिया है। अदालत दोषियों को 9 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाएगी।

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मामला वर्ष 2008 का है। तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी ने दवा का नमूना लेकर उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में दवा में एबीटोल साल्ट निर्धारित मात्रा से करीब 20 प्रतिशत कम पाया गया था। एबीटोल का उपयोग भूख बढ़ाने वाली दवा के तौर पर किया जाता है।

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जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर ने वर्ष 2008-09 में अदालत में शिकायत दायर की थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। करीब 18 साल बाद गुरुवार को अदालत ने कंपनी से जुड़े तीन अधिकारियों मुकेश, महेश और निलेश को दोषी करार दिया। अब सभी की सजा पर 9 अक्टूबर को अदालत फैसला सुनाएगी।

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