SCBA ने जज को धमकाने की कड़ी निंदा की, सख्त कार्रवाई की मांग!
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने मध्य प्रदेश की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को धमकाने की कड़ी निंदा की है। एससीबीए ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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SCBA: जज को धमकाने पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सख्त, कहा- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो; क्या है पूरा मामला?
Fri, 03 Jul 2026 03:47 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 03 Jul 2026 03:47 PM IST
सार
मध्य प्रदेश की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को फैसला सुनाने के बाद कथित धमकियां मिलने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। एससीबीए ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि आखिर जज को धमकियां क्यों मिलीं, एससीबीए ने सरकार और उच्च न्यायालय से क्या कहा और इस पूरे मामले को इतना गंभीर क्यों माना जा रहा है?
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विस्तार
मध्य प्रदेश की एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश को फैसला सुनाने के बाद कथित धमकियां मिलने और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक अभियान चलाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसोसिएशन ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों को डराने या दबाव बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। साथ ही मध्य प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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क्या है पूरा मामला और एससीबीए ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपने सचिव प्रज्ञा बघेल की ओर से जारी बयान में कहा कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को एक आपराधिक मामले में फैसला सुनाने के बाद कथित तौर पर धमकियां दी गईं। उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां और डराने-धमकाने का अभियान भी चलाया गया। यह मामला उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें कथित गौरक्षक समूह के कुछ सदस्यों को एक लिंचिंग मामले में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी। एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी घटनाएं न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
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दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की मांग की गई?
एससीबीए ने कहा कि वह मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और राज्य सरकार से अपेक्षा करता है कि पूरे मामले की तुरंत, निष्पक्ष और प्रभावी जांच कराई जाए। जो लोग न्यायिक अधिकारी को धमकाने, उनके खिलाफ नफरत फैलाने या डर का माहौल बनाने में शामिल हैं, उनकी पहचान कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। बयान में कहा गया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार न्यायाधीश के खिलाफ धमकियों के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और उनकी सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि कानून का पालन कराने वाले न्यायिक अधिकारियों को खुद कानून का पूरा संरक्षण मिलना चाहिए।
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