लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तो होगी - sc rejects plea against lucknow lawyers chambers demolition
लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तो होगी सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ जिला अदालत के पास सार्वजनिक जमीन पर बने वकीलों के चैंबरों को तोड़ने के खिलाफ याचिका खारिज कर दी। न…

सौजन्य से:- Jagran
लखनऊ में वकीलों के अवैध चैंबरों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तो होगी
सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ जिला अदालत के पास सार्वजनिक जमीन पर बने वकीलों के चैंबरों को तोड़ने के खिलाफ याचिका खारिज कर दी।
नई दिल्ली, एजेंसी। लखनऊ जिला अदालत परिसर के पास सार्वजनिक जमीन पर बनाए गए वकीलों के चैंबरों को तोड़े जाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इन्कार कर दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तो होगी।
पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसके बाद याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस ले ली। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, मैंने खुद देखा है। मैं वहां दो साल तक जज रहा हूं। मुझे पता है कि वहां किस तरह का निर्माण हुआ है।
जस्टिस विक्रम नाथ इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने सुझाव दिया कि मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जाए।
पीठ ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजने से भी इनकार कर दिया और वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। इस याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के चार अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई थी।
हाई कोर्ट ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया था कि वह 72 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करे। इनमें से अधिकतर वकील हैं और यह मामला लखनऊ जिला अदालत परिसर के पास सार्वजनिक रास्तों या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर बनाए गए चैंबर और अन्य ढांचों से संबंधित है।
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि कब्जेदार या तो अतिक्रमण को खाली कर दें या फिर जमीन और निर्माण पर अपना कानूनी अधिकार साबित करें। अगर कब्जेदार ऐसा नहीं करते तो लखनऊ नगर निगम ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करे।
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