सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से न्यायिक अधिकारी पर जांच शुरू करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा बार‑बार रिपोर्ट न देने के बाद रजिस्ट्रार जनरल से संबंधित न्यायिक अधिकारी पर प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिया। रिपोर्ट तीन बार प्रस्तुत न होने पर यह कदम उठाया गया, और मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को तय है।

सौजन्य से:- Jagran
न्यायिक अधिकारी की जांच करेंगे इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने का ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश दिया।
- ट्रायल कोर्ट रिपोर्ट देने में बार-बार विफल रहा था।
- इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल करेंगे जांच।
नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने मांगी गई रिपोर्ट देने में ट्रायल कोर्ट के बार-बार विफल रहने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि उसके समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने में ट्रायल कोर्ट तीन बार असफल रहा।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने संज्ञान लिया कि फरवरी 2020 में शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने के मामले की सुनवाई एक वर्ष के भीतर पूरी करे।
पीठ ने कहा कि इस साल जनवरी में शीर्ष अदालत ने पाया कि फरवरी, 2020 के आदेश के बावजूद सुनवाई अभी तक पूरी नहीं हुई। पीठ ने ट्रायल कोर्ट से रिपोर्ट मांगी थी, जो 12 फरवरी या मार्च में नहीं भेजी गई।
पीठ ने कहा कि गत मार्च में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया गया था कि वह ट्रायल कोर्ट को तुरंत रिपोर्ट भेजने के बारे में सूचित करें। इसके बावजूद कोई रिपोर्ट नहीं मिली। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
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