होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को विधायकों के विरुद्ध दर्ज मामलों को वापस लेने की स्वीकृति दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को विधायकों के विरुद्ध दर्ज मामलों को वापस लेने की स्वीकृति दी

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को कोविड‑19 के दौरान मौजूदा और पूर्व विधायकओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि इन मामलों में कोई गंभीर या जघन्य अपराध नहीं है, जिसमें पुतला जलाना और धरना जैसी घटनाएँ शामिल हैं। हाई कोर्ट द्वारा पहले केवल 15 मामलों को ही मंजूरी देने के बाद इस फैसले में पूर्ण वापसी का आदेश दिया गया।

9 सितंबर 2026 को 08:04 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को विधायकों के विरुद्ध दर्ज मामलों को वापस लेने की स्वीकृति दी

सौजन्य से:- Jagran

हिमाचल सरकार के मौजूदा और पूर्व विधायकों पर दर्ज केस होंगे वापस, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को कोविड-19 महामारी के दौरान मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज कई आपराधिक मामलों को वापस लेने की अनुमति दी है।

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को केस वापसी की अनुमति दी

- कोविड-19 महामारी के दौरान दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे

- मामलों में गंभीर या जघन्य अपराध का आरोप नहीं था

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश सरकार को कोविड-19 महामारी के दौरान दर्ज कई आपराधिक मामलों के तहत कुछ मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज अभियोजन को वापस लेने की अनुमति दे दी है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने कहा कि इन मामलों में कोई गंभीर या जघन्य अपराध का आरोप नहीं है। इनमें पुतला जलाने और राजमार्गों पर धरना देने से जुड़े मामले भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें उसने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के अप्रैल 2024 के आदेश को चुनौती दी थी।

हाई कोर्ट ने यह आदेश राज्य सरकार की ओर से 2023 में दायर उस आवेदन पर दिया था, जिसमें दिसंबर 2022 में गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ 65 मामलों में अभियोजन वापस लेने का अनुरोध किया गया था।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 15 मामलों में अभियोजन वापस लेने की अनुमति दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

बुधवार को राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उन्होंने इन मामलों में अभियोजन वापस लेने के लिए हाई कोर्ट से अनुरोध किया था।

अधिवक्ता ने कहा-‘इन मामलों में कुछ भी गंभीर नहीं है। न तो सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचा था और न ही किसी को चोट आई थी।’ हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से दायर अपील को स्वीकार करते हुए पीठ ने हाई कोर्ट के आदेश में बदलाव किया और राज्य सरकार को इन मामलों में अभियोजन वापस लेने की अनुमति दे दी।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल‑ क्या मौजूदा क़ानून से पति‑पत्नी के यौन दुरुपयोग पर केस चल सकता है?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने उठाया सवाल‑ क्या मौजूदा क़ानून से पति‑पत्नी के यौन दुरुपयोग पर केस चल सकता है?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: राहुल गांधी VVIP नहीं, सभी मामले समान—जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दायर करें
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: राहुल गांधी VVIP नहीं, सभी मामले समान—जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दायर करें

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: मैरिटल रेप अपवाद के बावजूद पति पर रेप का मुकदमा चलाना संभव?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: मैरिटल रेप अपवाद के बावजूद पति पर रेप का मुकदमा चलाना संभव?

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक दुष्कर्म के अपवाद पर सवाल उठाया, पति पर रेप केस चलाने की संभावना पर विचार किया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक दुष्कर्म के अपवाद पर सवाल उठाया, पति पर रेप केस चलाने की संभावना पर विचार किया

संसद का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट नहीं: वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने का फैसला संसद पर
अपराध

संसद का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट नहीं: वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने का फैसला संसद पर

सुप्रीम कोर्ट नहीं तय कर सकता मैरिटल रेप का अपराधीकरण, यह संसद का अधिकार है
अपराध

सुप्रीम कोर्ट नहीं तय कर सकता मैरिटल रेप का अपराधीकरण, यह संसद का अधिकार है

सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को मां के पैर छूकर क्षमा माँगने की सलाह दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने बेटे को मां के पैर छूकर क्षमा माँगने की सलाह दी

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करने पर फटकार लगाई
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करने पर फटकार लगाई

ताज़ा ख़बरें