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रेणुकास्वामी हत्या केस: दर्शन थुगुदीपा ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका पर मांगी इजाजत

कोर्ट ने पहले 15 मई को दर्शन थुगुदीपा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन उन्होंने अब फिर से जमानत के लिए आवेदन किया है। दर्शन ने केस की सुनवाई की गति धीमी होने के कारण जमानत के लिए अनुमति मांगी है।

24 जून 2026 को 07:00 pm बजे
रेणुकास्वामी हत्या केस: दर्शन थुगुदीपा ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका पर मांगी इजाजत

सौजन्य से:- Amar Ujala

रेणुकास्वामी मर्डर केस में दर्शन पहुंचे SC, नई जमानत याचिका दायर करने की मांगी इजाजत; जानें पूरा मामला

Renukaswamy Case: कन्नड़ एक्टर दर्शन थुगुदीपा ने रेणुकास्वामी अपहरण और हत्या मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

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विस्तार

दर्शन थुगुदीपा ने रेणुकास्वामी अपहरण और हत्या मामले में कोर्ट से नई जमानत याचिका दायर करने की अनुमति मांगी है। दर्शन का कहना है कि केस की सुनवाई काफी धीमी चल रही है, ऐसे में उन्हें दोबारा जमानत के लिए आवेदन करने का मौका मिलना चाहिए।

पहले खारिज कर दी थी जमानत याचिका

इससे पहले 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर एक साल में ट्रायल में कोई खास प्रगति नहीं होती है, तो वे फिर से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अब अपनी नई याचिका में दर्शन ने कोर्ट से कहा है कि उस पुराने आदेश को इस तरह न देखा जाए कि वे एक साल से पहले जमानत के लिए अपील ही नहीं कर सकते। उनका कहना है कि अगर केस में कोई नया मोड़ आता है या ट्रायल में देरी होती है, तो उन्हें पहले भी राहत मांगने का अधिकार होना चाहिए।

दर्शन ने क्या कहा?

दर्शन ने यह भी कहा है कि अगर वह लंबे समय तक जेल में रहते हैं, उनकी सेहत से जुड़ी कोई समस्या होती है, या कोई और अहम परिस्थिति सामने आती है, तो उन्हें जमानत के लिए अपील करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

याचिका के मुताबिक, दर्शन अगस्त 2025 से जेल में हैं, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी और अन्य आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्होंने जांच और कोर्ट की प्रक्रिया में पूरा सहयोग किया है और ट्रायल में देरी करने की कोई कोशिश नहीं की।

कोर्ट ने क्या कहा?

बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को रोजाना सुनवाई करने का निर्देश दिया था और 60 अहम गवाहों के बयान दर्ज करने को कहा था। लेकिन अभी तक बहुत कम गवाहों की ही जांच हो पाई है।

दर्शन ने यह भी कहा है कि इस केस में कुल 262 गवाह हैं, इसलिए ट्रायल पूरा होने में कई साल लग सकते हैं। उन्होंने अपनी लंबी जेल अवधि का असर अपने करियर, कमाई और परिवार पर भी बताया है।

दर्शन पर लगे हैं ये आरोप

49 साल के दर्शन को 11 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि 33 साल के रेणुकास्वामी की हत्या की गई, जिन्होंने कथित तौर पर दर्शन की करीबी पवित्रा गौड़ा को आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे।

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14 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। फिलहाल, इस मामले की सुनवाई जारी है और अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी है।

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