सहारनपुर में अदालत की सुनवाई जारी, पक्षों ने रखी दलीलें
सहारनपुर कैलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में दोनों पक्षों ने अदालत में अपने-अपने पक्ष के समर्थन में दलीलें रखीं, मामले में शुक्रवार को अदालत की ओर से सुनवाई जारी रहेगी।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Saharanpur News: अदालत में दोनों पक्षों ने रखी अपनी-अपनी दलीलें, आज भी होगी सुनवाई
Fri, 24 Jul 2026 12:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:50 AM IST
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सहारनपुर। कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में जिला जज की अदालत में दोनों पक्षों ने अपने पक्ष के समर्थन में दलीलें रखी। मामले में शुक्रवार को अदालत की ओर से सुनवाई जारी रहेगी।
बृहस्पतिवार को अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दिए गए निर्णय पर स्टे लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु अदालत के समक्ष रखे। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने भी दलील प्रस्तुत करते हुए अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य तथ्य अदालत के प्रस्तुत किए।
मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद तारीक सिद्दीकी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान मस्जिद से संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे गए हैं।
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शासकीय अधिवक्ता ने दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया है। बता दें कि 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करो़ड़ का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने याचिका दाखिल की थी।
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बृहस्पतिवार को अदालत में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। मस्जिद पक्ष ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा दिए गए निर्णय पर स्टे लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु अदालत के समक्ष रखे। वहीं शासकीय अधिवक्ता ने भी दलील प्रस्तुत करते हुए अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य तथ्य अदालत के प्रस्तुत किए।
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मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता मोहम्मद तारीक सिद्दीकी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान मस्जिद से संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे गए हैं।
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शासकीय अधिवक्ता ने दस्तावेजों को दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार किया है। बता दें कि 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करो़ड़ का जुर्माना भी लगाया था। इसी आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने याचिका दाखिल की थी।
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