लखनऊ कोर्ट मारपीट मामला: हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, PIL दर्ज करने को कहा
िलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ जिला अदालत परिसर में हुई मारपीट के मामले में फैसला सुरक्षित रखा और स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई में जिला जज और पुलिस आयुक्त की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज देखी गई।

सौजन्य से:- Jagran
लखनऊ कोर्ट मारपीट मामले में हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, स्वतः संज्ञान लेकर PIL दर्ज करने का निर्देश
लखनऊ जिला अदालत परिसर में हुई मारपीट के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया है। ...और पढ़ें
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विधि संवाददाता, लखनऊ। राजधानी स्थित जिला अदालत परिसर में वादकारी और दिल्ली से आए अधिवक्ताओं के साथ मारपीट के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को अंतरिम आदेश सुरक्षित रख लिया है।
साथ ही अदालत ने इस मामले को स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका (पीआइएल) के रूप में दर्ज करने का निर्देश दिया है।न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान जिला जज और पुलिस आयुक्त की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन किया।
अदालत ने जिला अदालत की आठवीं मंजिल पर हुई घटना की सीसीटीवी फुटेज भी देखी। सुनवाई में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिव अवनीश दीक्षित वरिष्ठ अधिवक्ता डा. एलपी मिश्रा के साथ मौजूद रहे।
वहीं आरोपित अधिवक्ता सौरभ कुमार वर्मा की ओर से अधिवक्ता अनुपम मेहरोत्रा ने वकालतनामा दाखिल किया। भारत सरकार के डिप्टी सालिसिटर जनरल और सीबीआई के अधिवक्ता भी अदालत में उपस्थित रहे। हाई कोर्ट अब सभी पक्षों के जवाब, उपलब्ध साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम आदेश जारी करेगा।
उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को लखनऊ जिला अदालत में दिल्ली से आईं महिला अधिवक्ता अभिप्सा मोहंती, उनके सहयोगी वकीलों और उनके मुवक्किल के साथ मारपीट और धमकी का मामला सामने आया था। महिला अधिवक्ता ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की थी।
इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजन राय से मामले पर तत्काल ध्यान देने का आश्वासन दिया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने मंगलवार शाम सात बजे विशेष सुनवाई कर मामले का संज्ञान लिया।
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