इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, महोबा के DM और ईओ को तलब किया
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के सतल तलैया में जलभराव और कचरे पर कड़ी नाराजगी जताई और जिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी को तलब किया। उन्हें 6 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।

सौजन्य से:- Jagran
PIL का जवाब नहीं देने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, महोबा के DM और ईओ को किया तलब
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के सतल तलैया में जलभराव और कचरे पर PIL का जवाब न देने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी को 6 ...और पढ़ें
HighLights
- हाई कोर्ट ने कहा- आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नहीं
- जलभराव व कचरे को लेकर जनहित याचिका दायर
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के सतल तलैया क्षेत्र में जलभराव और कचरे के ढेर को लेकर दायर जनहित याचिका पर पूर्व आदेश की अनदेखी होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने जिलाधिकारी (DM) और नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी को छह अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।
चिंटू चौरसिया ने दायर की है जनहित याचिका
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने चिंटू चौरसिया की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 23 जून के आदेश के बावजूद न तो शपथपत्र दाखिल किए गए और न ही स्थायी अधिवक्ता को कोई निर्देश दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जलभराव और सफाई व्यवस्था में लापरवाही जनहित के खिलाफ है और इस पर त्वरित कार्रवाई अपेक्षित है।
कोर्ट ने राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन से मांगा था जवाब
याची के अधिवक्ता ने बताया कि सतल तलैया, नया पुरा बंधन वार्ड में पानी की निकासी न होने से पूरा इलाका जलभराव और सूखे-गीले कचरे से पटा है। गंदगी के कारण कई लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं, इससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इससे पहले जून में न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से जवाब मांगा था और सुनवाई की अगली तिथि आठ जुलाई तय की थी।
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