होमवकीलइलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, महोबा के DM और ईओ को तलब किया
वकील

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, महोबा के DM और ईओ को तलब किया

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के सतल तलैया में जलभराव और कचरे पर कड़ी नाराजगी जताई और जिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी को तलब किया। उन्हें 6 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है।

1 अगस्त 2026 को 01:16 pm बजे
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, महोबा के DM और ईओ को तलब किया

सौजन्य से:- Jagran

PIL का जवाब नहीं देने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, महोबा के DM और ईओ को किया तलब

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के सतल तलैया में जलभराव और कचरे पर PIL का जवाब न देने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जिलाधिकारी और अधिशासी अधिकारी को 6 ...और पढ़ें

HighLights

- हाई कोर्ट ने कहा- आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नहीं

- जलभराव व कचरे को लेकर जनहित याचिका दायर

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के सतल तलैया क्षेत्र में जलभराव और कचरे के ढेर को लेकर दायर जनहित याचिका पर पूर्व आदेश की अनदेखी होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कहा कि आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने जिलाधिकारी (DM) और नगर पालिका के कार्यपालक अधिकारी को छह अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।

चिंटू चौरसिया ने दायर की है जनहित याचिका

मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने चिंटू चौरसिया की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि 23 जून के आदेश के बावजूद न तो शपथपत्र दाखिल किए गए और न ही स्थायी अधिवक्ता को कोई निर्देश दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जलभराव और सफाई व्यवस्था में लापरवाही जनहित के खिलाफ है और इस पर त्वरित कार्रवाई अपेक्षित है।

कोर्ट ने राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन से मांगा था जवाब

याची के अधिवक्ता ने बताया कि सतल तलैया, नया पुरा बंधन वार्ड में पानी की निकासी न होने से पूरा इलाका जलभराव और सूखे-गीले कचरे से पटा है। गंदगी के कारण कई लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं, इससे जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इससे पहले जून में न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से जवाब मांगा था और सुनवाई की अगली तिथि आठ जुलाई तय की थी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ओडिशा से सुनवाई की कमी: ओडिशा में 15 सालों से उच्च न्यायालय से कोई भी न्यायाधीश नहीं
वकील

ओडिशा से सुनवाई की कमी: ओडिशा में 15 सालों से उच्च न्यायालय से कोई भी न्यायाधीश नहीं

निजी अनुबंध विवाद: दिल्ली हाई कोर्ट ने NBCC के खिलाफ बिक्री में केंद्रीय अधिकारी के हस्तक्षेप को अस्वीकार किया
वकील

निजी अनुबंध विवाद: दिल्ली हाई कोर्ट ने NBCC के खिलाफ बिक्री में केंद्रीय अधिकारी के हस्तक्षेप को अस्वीकार किया

मध्यस्थता एक वैकल्पिक तंत्र से न्याय वितरण प्रणाली का हिस्सा बनता है
वकील

मध्यस्थता एक वैकल्पिक तंत्र से न्याय वितरण प्रणाली का हिस्सा बनता है

अदालत से धोखाधड़ी पर बार को भी जवाबदेह ठहराया, बरेली के दो वकीलों का लाइसेंस निरस्त
वकील

अदालत से धोखाधड़ी पर बार को भी जवाबदेह ठहराया, बरेली के दो वकीलों का लाइसेंस निरस्त

निंटेंडो की लड़ाई में दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला: 'निंटेंडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' नाम का उपयोग रोका
वकील

निंटेंडो की लड़ाई में दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला: 'निंटेंडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' नाम का उपयोग रोका

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन पर प्रतिबंध पर सुनवाई शुरू की
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन पर प्रतिबंध पर सुनवाई शुरू की

IAS रोहिणी सिंदूरी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया नोटिस, अब हाई कोर्ट का आदेश?
वकील

IAS रोहिणी सिंदूरी को सुप्रीम कोर्ट ने दिया नोटिस, अब हाई कोर्ट का आदेश?

व्यभिचारी संबंध साबित होने पर पति के आवेदन पर रोक लगाना संभव: सुप्रीम कोर्ट
वकील

व्यभिचारी संबंध साबित होने पर पति के आवेदन पर रोक लगाना संभव: सुप्रीम कोर्ट

ताज़ा ख़बरें