क्रिकेटर्स को दी जा रही थी 'Non-Veg चाय', अदालत ने सुनाई खरी-खोटी
क्रिकेटर्स को दी जा रही थी 'Non-Veg चाय', अदालत ने सुनाई खरी-खोटी क्रिकेट जगत से एक अनोखा मामला सामने आया है. यह मामला चाय से जुड़ा हुआ है, जिसे अदालत ने गंभीरता से लिया है, और क्रिकेट एसोसिएशन को फटकार लगाई है. क्रिकेट…

सौजन्य से:- ABP News
क्रिकेटर्स को दी जा रही थी 'Non-Veg चाय', अदालत ने सुनाई खरी-खोटी
क्रिकेट जगत से एक अनोखा मामला सामने आया है. यह मामला चाय से जुड़ा हुआ है, जिसे अदालत ने गंभीरता से लिया है, और क्रिकेट एसोसिएशन को फटकार लगाई है.
क्रिकेट जगत से एक अनोखा मामला सामने आया है. यह खबर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की है, जहां क्रिकेटरों के मांसाहारी चाय यानी नॉन-वेज टी परोसी गई है, जिसपर बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. दरअसल, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की कैंटीन में कीड़े मकोड़े पाए जाने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने कटाक्ष करते हुए पूछा है कि क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ का सेवन कर रहे हैं.
अदालत ने इसके अलावा एमसीए को यह भी निर्देश दिया गया कि वह बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किए जाने से पहले अपनी कैंटीन परिसर को अच्छे से साफ करे. यह मामला क्रिकेट फैंस को काफी हैरान कर रहा है.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ एमसीए की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एफडीए के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के गंभीर उल्लंघनों के कारण इस क्रिकेट संस्था के बांद्रा कुर्ला परिसर में संचालित पांच रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे.
एमसीए के वकील विक्रम नानकानी ने कहा कि एफडीए को पहले नोटिस जारी करना चाहिए था, ताकि भोजनालयों को कमियों को दूर किया जा सके. हालांकि पीठ ने कहा कि जब एफडीए अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान ‘गंभीर उल्लंघन’ पाए तो यह जरूरी नहीं था.
अदालत ने कहा, "एफडीए की रिपोर्ट के अनुसार भोजनालय की रसोई में तिलचट्टे और मक्खियां भरी हुई थीं और फर्श फिसलन भरा और गंदा था. अगर स्वच्छता मानकों का घोर उल्लंघन हुआ है, तो एफडीए तत्काल लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय ले सकता है."
इसके बाद नानकानी ने कहा कि सभी रेस्तरां और भोजनालय बंद होने के कारण एमसीए क्रिकेटरों को चाय भी नहीं परोस पा रहा है. इस पर अदालत ने पूछा कि क्या क्रिकेटरों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ का सेवन कर रहे हैं.
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