मुजफ्फरनगर कोर्ट ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को हिरासत में लेकर 12 अक्टूबर को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने किशोर की आयु निर्धारण के मुकदमे में गवाही न देने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अधिकारी को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया। यह कार्रवाई 2020 के एक मारपीट‑हत्याकांड से जुड़े दो अभियुक्तों को नाबालिग मानने के विवाद से उत्पन्न हुई।

सौजन्य से:- Jagran
बेसिक शिक्षा अधिकारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें!...अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पुलिस को आदेश
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने मुजफ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संदीप कुमार के खिलाफ ...और पढ़ें
HighLights
- मुजफ्फरनगर कोर्ट ने बीएसए संदीप कुमार के खिलाफ वारंट जारी किया।
- किशोर की आयु निर्धारण मामले में गवाही न देने पर हुई यह कार्रवाई।
- बीएसए को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने किशोर की आयु निर्धारण के विचाराधीन मुकदमे में गवाही पर नहीं पहुंचने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा को आदेश दिया कि बीएसए संदीप कुमार को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को न्यायालय में पेश करें।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि नई मंडी के मुहल्ले में वर्ष 2020 को महिला के घर में घुसकर मारपीट करने के साथ हत्या का प्रयास किया गया था। इसका नई मंडी थाने में आरोपितों मोनू, कृष्णपाल, सत्यम, बंटू समेत छह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। दो आरोपितों को स्वजन ने घटना के समय नाबालिग बताया था। इसको लेकर वादी पक्ष ने दोनों आरोपितों की आयु को लेकर किशोर न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। पिछले छह साल से सुनवाई चल रही है।
बताया कि दोनों किशोर नई मंडी के गुलशन विहार स्थित प्राइवेट स्कूल प्रेरणा जूनियर हाईस्कूल में शिक्षा ग्रहण करते थे। यहां से प्रधानाचार्य को दोनों की टीसी उपलब्ध कराने के साथ गवाही के लिए बुलाया गया, लेकिन वह न्यायालय में पेश नहीं हो सके। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने बीएसए संदीप कुमार के विरुद्ध नोटिस जारी कर 18 सितंबर को पेश होने के आदेश दिए थे, लेकिन वह पेश नहीं हो सके। गुरुवार को भी सुनवाई पर बीएसए अनुपस्थित रहे।
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