दिल्ली में 9-10 अक्टूबर को शराब की दुकानों पर एहतियाती प्रतिबंध
आबकारी विभाग ने संभावित कानून-व्यवस्था की चिंताओं को देखते हुए 9 और 10 अक्टूबर को सभी खुदरा शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह कदम सीजेपी के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से जुड़ी सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए एहतियाती माना गया है, जिसमें पुलिस ने 20,000 से अधिक जवानों को तैनात किया है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
दिल्ली में कानून-व्यवस्था के मद्देनजर 9 और 10 अक्टूबर को बंद रहेंगी सभी शराब की दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह शराबबंदी महज एक एहतियाती कदम है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
Published : October 8, 2026 at 9:57 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर गरमाई राजनीतिक सरगर्मी के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राजधानी में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आबकारी विभाग ने 9 और 10 अक्टूबर को शहर की सभी खुदरा शराब की दुकानों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया है.
दो दिनों का 'ड्राई स्पेल', इन लाइसेंसों के तहत बिकने वाली दुकानें रहेंगी बंद
दिल्ली सरकार के आबकारी, मनोरंजन एवं लग्जरी कर विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, यह प्रतिबंध दो दिनों यानी गुरुवार, 9 अक्टूबर और शुक्रवार, 10 अक्टूबर को प्रभावी रहेगा. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि फॉर्म L6, L6 & L6, FG, L8, L10 और L14 समेत विभिन्न श्रेणियों के तहत संचालित होने वाले सभी खुदरा मदिरा वेंड इन दो दिनों के दौरान पूरी तरह से बंद रहेंगे. सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बाद यह निर्देश संबंधित सरकारी एजेंसियों जैसे डीएससीएससी, डीटीटीडीसी, डीएसआईआईडीसी और डीसीसीडब्ल्यूएस के प्रबंध निदेशकों को पालन के लिए भेज दिए गए हैं.
CJP के प्रदर्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गौरतलब है कि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और समूहों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में सीजेपी की ओर से जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए किसी भी प्रकार की आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है. इसके बावजूद किसी भी अप्रिय घटना को टालने और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 20,000 से अधिक जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है.
- यह भी पढ़ें- ‘वोट चोरी’ के खिलाफ 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान, छात्र संगठनों ने लोगों से एकजुट होने की अपील की
प्रशासन ने बताया एहतियाती कदम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह शराबबंदी महज एक एहतियाती कदम है, ताकि शहर में किसी भी तरह के उपद्रव या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोका जा सके. पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सभा या प्रदर्शन का हिस्सा बनने से बचें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें. दो दिनों तक लगातार शराब के ठेके बंद रहने से 'शौकीनों' को खासी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सुरक्षा और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
यह भी पढ़ें- 10 अक्टूबर जंतर मंतर प्रोटेस्टः दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की
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