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मेरठ के ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान‑साहिल को दोषी करार, सजा का फैसला अभी बाकी

जिला जज ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया, पर सजा अभी तय नहीं हुई। अभियोजन पक्ष ने मृत्युदंड या आजीवन कारावास की मांग की है और लगभग पंद्रह दिनों में सजा सुनवाई के लिए नई तिथि तय की जाएगी।

30 सितंबर 2026 को 01:04 pm बजे
मेरठ के ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान‑साहिल को दोषी करार, सजा का फैसला अभी बाकी

सौजन्य से:- Aaj Tak

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मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है. लेकिन कोर्ट ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है. अदालत के फैसले के बाद अब दोनों को मिलने वाली सजा पर फैसला होना बाकी है. अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया है. सजा के संबंध में अदालत ने कहा है कि करीब 15 दिन बाद की तारीख तय की जाएगी. उस दिन सजा के बिंदु पर दोनों आरोपियों को सुना जाएगा और उनसे पूछा जाएगा कि वे सजा को लेकर अपने बारे में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं.

के.के. चौबे के मुताबिक, अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान और साहिल से बात की और पूछा कि क्या वे अपने बचाव में या सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं. दोनों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उनके मुताबिक, दोनों आरोपी इस बात के लिए मानसिक रूप से तैयार नजर आए कि अदालत उन्हें दोषी करार देगी और सजा सुनाई जाएगी. उन्होंने बताया कि दोषसिद्धि और सजा सुनाने की प्रक्रिया दो अलग-अलग चरणों में होती है. इसलिए अदालत ने आज सिर्फ दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है और सजा पर सुनवाई के लिए अलग तारीख तय की जाएगी.

इसके अलावा के.के. चौबे ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि आगे अदालत अपने विवेक के आधार पर तय करेगी कि दोनों आरोपियों को क्या सजा दी जानी है. उन्होंने बताया कि इस मामले में सजा के तौर पर आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान होने की बात अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष रखी गई है. अभियोजन पक्ष के वकील के अनुसार, अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के अपराध समाज को प्रभावित करते हैं और सामाजिक ताने-बाने पर असर डालते हैं.

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15 दिन बाद अगली सुनवाई होगी

अदालत ने यह भी कहा कि न्यायालय का कर्तव्य है कि अपराधी और समाज के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए सजा तय की जाए. फिलहाल सजा की अगली तारीख तय नहीं हुई है. अदालत की ओर से करीब 15 दिन बाद की तारीख की बात कही गई है, जिसकी औपचारिक घोषणा बाद में की जाएगी. अब अगली सुनवाई में दोनों आरोपियों को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा और इसके बाद अदालत सजा मुकर्रर करेगी.

बता दें, यह मामला 3 मार्च 2025 का है. आरोप है कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ राजपूत का मर्डर कर शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर ऊपर से सीमेंट भरकर सील कर दिया था. करीब 15 दिन बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में केस का ट्रायल शुरू हुआ. पुलिस ने मामले में करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस दौरान 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. लंबी सुनवाई और अंतिम बहस के बाद 19 सितंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

हत्या से कोर्ट में फैसला सुरक्षित होने तक का पूरा घटनाक्रम

सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ अपने घर लौटा था. अगले दिन 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में घर पर पार्टी रखी. इसके कुछ दिन बाद 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया. इसके बाद 3 मार्च को मामले ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पूरे घटनाक्रम को हत्या के केस में बदल दिया. टाइमलाइन के मुताबिक, मुस्कान ने डिनर में सौरभ को नींद की दवा मिला दी. इसके बाद साहिल शुक्ला को फोन करके बुलाया गया. आरोप है कि सौरभ की हत्या करने के बाद उसके शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में पैक कर दिया गया.

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4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी पीहू को अपनी मां के घर छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई. इसके बाद 17 मार्च को मुस्कान हिमाचल से वापस लौटी और मायके पहुंचकर अपने पिता-मां को घटना के बारे में बताया. 18 मार्च को पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची. वहां पुलिस को ड्रम में सौरभ की बॉडी मिली. इसके बाद पुलिस ने साहिल और मुस्कान को गिरफ्तार कर लिया. 19 मार्च को पुलिस ने साहिल और मुस्कान को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की. इसी दौरान सौरभ के शव के चार टुकड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया.

जांच आगे बढ़ी तो सामने आए कई अहम सुराग

12 मई को पुलिस ने 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में 34 गवाहों का जिक्र किया गया था. पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया गया. 17 जून को मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप तय हुए. इसके बाद मामले में ट्रायल शुरू हुआ. 4 जुलाई को सौरभ के भाई बबलू की कोर्ट में गवाही हुई. इसके बाद जुलाई से नवंबर के बीच परिवार, पुलिस, डॉक्टर, डांसर और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए.

ड्रम और दूसरे सामान को बनाया गया सबूत

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19 दिसंबर को कोर्ट में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग पेश किए गए. इन्हें मामले में महत्वपूर्ण सबूत बताया गया. इसके बाद 23 जनवरी 2026 को जियो के नोडल अधिकारी ने कोर्ट में कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट पेश की. 21 अप्रैल को कोर्ट में मुस्कान और साहिल पर लगे आरोपों को लेकर सुनवाई हुई. दोनों ने अपने ऊपर लगे 32 साल की सजा वाले आरोपों को मानने से इनकार कर दिया.

इसके बाद 22 मई से 17 सितंबर के बीच मामले में अंतिम बहस चली. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. अब इस मामले में 19 सितंबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन कोर्ट ने फैसले की तारीख 30 सितंबर तय कर दी. यानी करीब सात महीने तक चली जांच, गवाहियों, सबूतों और अंतिम बहस के बाद अब मामले में फैसला आने का इंतजार है.

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