रांची अदालत ने JPSC परीक्षा घोटाले के तीन मुख्य आरोपी की जमानत याचिकाएँ खारिज
अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने OMR शीट में हेरफेर और पेपर लीक के आरोपों के तहत रामबीर सिंह, सोनू कुमार और बृज कुमार राम की जमानत अर्जी को नकार दिया। सिडी द्वारा इन तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में रखा गया था, और अदालत ने इस संगठित धोखाधड़ी से ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य को हुए नुकसान पर प्रकाश डाला।

सौजन्य से:- Jagran
JPSC परीक्षा घोटाला: अदालत ने खारिज की तीन मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका, OMR शीट में हेरफेर के आरोप
जेपीएससी परीक्षा घोटाले और पेपर लीक मामले में अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। ...और पढ़ें
HighLights
- जेपीएससी परीक्षा घोटाले में तीन मुख्य आरोपियों की जमानत खारिज।
- ओएमआर शीट में हेरफेर और परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी के आरोप।
- संगठित धांधली से हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है।
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी परीक्षा घोटाले और पेपर लीक मामले में अदालत ने आरोपितों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी है। अपर न्यायायुक्त प्रथम योगेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को आरोपित टीएसआर के निदेशक रामबीर सिंह, जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक के सहायक और संयुक्त सचिव के निजी सहायक के रूप में कार्यरत सोनू कुमार और जेपीएससी की एक सदस्य के निजी सहायक बृज कुमार राम की जमानत याचिका को खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि केस डायरी, सह-अभयुक्तों के बयानों, काल डिटेल रिकार्ड और डिजिटल साक्ष्य से प्रथम दृष्टया ओएमआर शीट में हेरफेर और परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी जैसे गंभीर आरोप साबित होता है।
अदालत ने रेखांकित किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में संगठित धांधली से न केवल राज्य को वित्तीय नुकसान होता है, बल्कि हजारों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य और सार्वजनिक विश्वास को गहरी ठेस पहुंचती है। सीआईडी ने रामबीर सिंह को 22 जुलाई, सोनू कुमार को 26 जुलाई और बृज कुमार को 17 अगस्त को गिरफ्तार किया था। तब से तीनों न्यायिक हिरासत में है।
नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त को 20 साल कारावास
पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में दोषी करार अभियुक्त वीरभद्र गोस्वामी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि नहीं देने उसे अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
अदालत ने उक्त आरोप में शनिवार को दोषी करार दिया था। अभियुक्त घटना के बाद से ही बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद है। नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना एक अप्रैल 2025 को हुई थी। घटना को लेकर सिल्ली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में जांच अधिकारी ने ठोस साक्ष्य के साथ चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष पीड़िता सहित अन्य गवाहों की गवाही कराई। जिसके आधार पर अदालत ने दोषी पाकर कठोर सजा सुनाई है।
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