नीट सुरक्षा की जानकारी जल्द होगी सार्वजनिक
सुप्रीम कोर्ट में नीट परीक्षा की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार तैयार है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हलफनामे के जरिए बताने का आग्रह किया है और सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सौजन्य से:- Hindustan
शीर्ष अदालत में नीट सुरक्षा की पूरी जानकारी देगी सरकार
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट परीक्षा को लीक प्रूफ बनाने के लिए पूरी जानकारी कोर्ट में रखना चाहती है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय से सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में हलफनामे के जरिए बताने का आग्रह किया। सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को पूरी तरह से लीक प्रूफ बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देना चाहती है। सरकार ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह नीट का प्रश्न पत्र छपने से लेकर छात्रों तक पहुंचने तक अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरा ब्यौरा कोर्ट के रिकॉर्ड में रखना चाहते हैं। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ के समक्ष सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह जानकारी दी। उन्होंने पीठ से कहा कि नीट को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए सरकार नीट को लेकर अपनाई गई कार्यप्रणाली के बारे में बताना चाहती है और इसे हलफनामे के जरिए रिकॉर्ड पर रखना चाहती है।
इसके लिए उन्होंने गुरुवार या शुक्रवार तक सुनवाई टालने का आग्रह किया और कहा कि हलफनामा सोमवार (आज) ही दाखिल कर दिया जाएगा। केंद्र के इस आग्रह के बाद शीर्ष अदालत ने कहा कि वह भी इस प्रक्रिया के बारे में जानना चाहती है। शीर्ष अदालत ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी। पीठ ने 27 जुलाई को फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन, राजद सांसद सुधार सिंह एवं अन्य की याचिका पर कहा था कि अदालत यह देखेगी कि सरकार द्वारा गठित नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स नीट को पारंपरिक परीक्षा प्रणाली (आफलाइन) के बजाए कंप्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में कराने के बारे में बारे में क्या सुझाव देती है।
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