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कैंसर की महंगी दवाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मरीज की मौत पर लिया स्वत: संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की महंगी दवाओं और इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत पर स्वत: संज्ञान लिया है, अदालत ने कहा कि यह मामला जीवन के अधिकार से जुड़ा है. केंद्र सरकार से महंगी पेटेंट दवाओं की कीमतों के संबंध में जवाब मांगा गया है.

18 जुलाई 2026 को 01:14 pm बजे
कैंसर की महंगी दवाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, मरीज की मौत पर लिया स्वत: संज्ञान

सौजन्य से:- Navbharat Times

सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की महंगी जीवनरक्षक दवाओं और इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत पर स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि यह मामला जीवन के अधिकार से जुड़ा है।

नई दिल्ली: कैंसर की जीवनरक्षक दवाओं की महंगी कीमत और इलाज के इंतजार में एक मरीज की मौत के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि यह मामला केवल एक मरीज का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के जीवन के अधिकार से जुड़ा है जो महंगी दवाओं का खर्च नहीं उठा सकते।

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने कहा कि केरल हाईकोर्ट अपने समक्ष लंबित याचिका पर फैसला करेगा। जबकि सुप्रीम कोर्ट जीवनरक्षक दवाओं की कीमत और उनकी उपलब्धता से जुड़े व्यापक मुद्दे पर सुनवाई करेगा।

यह कार्रवाई 'वर्किंग ग्रुप ऑन एक्सेस टू मेडिसिन्स एंड ट्रीटमेंट' के संयोजकों ज्योत्सना सिंह और के. एम. गोपाकुमार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधित्व के आधार पर की गई।

हाई कोर्ट में हुई देरी पर भी सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

कैंसर और ऐसी ही मुश्किल से ठीक होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए पेटेंट वाली दवाओं की बहुत ज्यादा कीमतों के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगने से पहले, बेंच ने हाई कोर्ट में हुई देरी पर नाराजगी जताई। मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित एक महिला ने 2022 में 'रिबोसिक्लिब' दवा पाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

धारा 100 की मांग

धारा 100 केंद्र सरकार को सार्वजनिक हित और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए पेटेंट प्राप्त आविष्कार के उपयोग की अनुमति देती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि मौजूदा परिस्थितियां ऐसी नहीं हैं जिन्हें राष्ट्रीय आपातस्थिति माना जाए। इसलिए इस प्रावधान का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ता की मौत

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केरल हाईकोर्ट में हुई देरी पर भी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जून से सितंबर 2022 के बीच कई बार सुनवाई सूचीबद्ध होने के बावजूद समय पर फैसला नहीं हो सका और इस बीच याचिकाकर्ता की मौत हो गई।

केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से महंगी पेटेंट दवाओं की कीमतों और आम मरीजों की पहुंच सुनिश्चित करने के संबंध में जवाब मांगा है। यह मामला भविष्य में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाओं को किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।

विशेषज्ञता

उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।

पत्रकारिता अनुभव

रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा 'राशन चोरी' का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।... और पढ़ें

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