केंद्र सरकार से यूजीसी काले कानून को वापस लेने की मांग
केंद्र सरकार से यूजीसी काले कानून को वापस लेने की मांग बोकारो में महाराणा प्रताप विचार मंच द्वारा बिरसा चौक पर यूजीसी काले कानून-2026 के खिलाफ जन आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किया गया। सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और सरकार से…

सौजन्य से:- Hindustan
केंद्र सरकार से यूजीसी काले कानून को वापस लेने की मांग
बोकारो में महाराणा प्रताप विचार मंच द्वारा बिरसा चौक पर यूजीसी काले कानून-2026 के खिलाफ जन आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किया गया। सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और सरकार से कानून वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून भेदभाव को बढ़ावा देता है और सभी नागरिकों के समान अधिकारों का उल्लंघन करता है।
बोकारो, प्रतिनिधि। महाराणा प्रताप विचार मंच के तत्वावधान में रविवार को नया मोड़ स्थित बिरसा चौक पर यूजीसी काले कानून-2026 के विरोध में जन आक्रोश कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर केंद्र सरकार से यूजीसी काले कानून को वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि नया कानून समाज में भेदभाव को बढ़ावा देने वाला है। इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षा संस्थानों में असमानता की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, ऐसे में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत के विरुद्ध सरकार ने यूजीसी के नियमावली को लागू करने की काम कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज अपने हितों की लड़ाई के लिए एकजुट है। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। कार्यक्रम में रंजेश कुमार सिंह, मृगेंद्र प्रताप सिंह, आरएन ओझा, हरे राम मिश्र, विद्या सागर सिंह, उदय कुमार सिंह, गौतम कुमार सिंह, विनोद सिन्हा, शशिकांत सिंह, अखिलेश सिंह, रासनारायण सिंह, जितेंद्र सिंह, हरिनारायण सिंह, राजेश्वर सिंह, दिलीप ठाकुर, कुंज बिहारी पाठक, संत सिंह, अभिषेक सिंह, हरेराम मिश्रा, मृत्युंजय शर्मा, मिंटू झा, शंकर सिंह, राजा जनक, राजीव, मुकेश सिंह, कुणाल, विनोद सिन्हा, मनीष सिंह, अरुण तिवारी सहित अन्य
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