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हिमाचल हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीश, राज्यपाल ने लोकभवन में शपथ ली

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीश नियुक्त हुए, जिससे कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 15 हुई जबकि पद 17 हैं। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने चिराग भानु सिंह को स्थायी न्यायाधीश के रूप में और भूपेश शर्मा तथा योगेश जसवाल को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। शपथ समारोह में विधान सभा अध्यक्ष, प्रतिपक्ष नेता, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आदि प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

30 अगस्त 2026 को 04:32 pm बजे
हिमाचल हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीश, राज्यपाल ने लोकभवन में शपथ ली

सौजन्य से:- ETV Bharat

हिमाचल हाईकोर्ट को मिले तीन नए न्यायाधीश, राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने लोकभवन में दिलाई पद की शपथ

इन नई नियुक्तियों के बाद हिमाचल हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि यहां कुल स्वीकृत पद 17 हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 8:43 PM IST

|Updated : August 30, 2026 at 8:59 PM IST

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को रविवार को तीन नए न्यायाधीश मिल गए हैं. राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने रविवार शाम पांच बजे लोकभवन में न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर पद की शपथ दिलाई. वहीं, न्यायमूर्ति भूपेश शर्मा और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल ने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ ली. केंद्र सरकार ने 27 अगस्त को तीनों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून 2026 को तीनों न्यायिक अधिकारियों को हाईकोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी.ट

तीन नए जजों के बाद 15 हुई संख्या

प्रदेश हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 15 हो गई है. हिमाचल हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 17 है. न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह को हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि भूपेश शर्मा और योगेश जसवाल को दो वर्ष की अवधि के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. तीनों न्यायिक अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा में अलग-अलग पदों पर लंबे समय तक सेवाएं दी हैं. बता दें कि न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह वर्तमान में कांगड़ा स्थित धर्मशाला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं. भूपेश शर्मा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल हैं, जबकि योगेश जसवाल वर्तमान में सिरमौर के नाहन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं.

शपथ समारोह में ये रहे मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल मौजूद रहे. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधवालिया के साथ वरिष्ठ न्यायिक, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे.

कौन हैं न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह?

न्यायमूर्ति चिराग भानु सिंह ने 1994 में शिमला हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में पंजीकरण के बाद वकालत शुरू की. उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक और सर्विस मामलों में पैरवी की. वर्ष 2007 में वह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने. इसके बाद हिमाचल प्रदेश इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल-कम-लेबर कोर्ट में न्यायाधीश, चंबा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लोकायुक्त में प्रधान सचिव, सुप्रीम कोर्ट में रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) और हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी के निदेशक समेत विभिन्न पदों पर सेवाएं दीं. जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक बिलासपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे और इसके बाद धर्मशाला में तैनात हुए.

भूपेश शर्मा का न्यायिक सेवा से हाईकोर्ट तक सफर

न्यायमूर्ति भूपेश शर्मा ने जुलाई 1996 में कांगड़ा-धर्मशाला में सब-जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की. इसके बाद मंडी, शिमला, सरकाघाट, सुंदरनगर और सोलन में सेवाएं दीं. मार्च 2012 में वह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने. इसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट हमीरपुर और विशेष जज सीबीआई शिमला समेत कई पदों पर रहे. वह किन्नौर, हमीरपुर, सोलन, ऊना और शिमला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी रहे. अक्टूबर 2024 में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल बने और वर्तमान में इसी पद पर हैं.

योगेश जसवाल का भी लंबा न्यायिक अनुभव

न्यायमूर्ति योगेश जसवाल ने 1991 में एलएलबी करने के बाद शिमला में सिविल, क्रिमिनल और रेवेन्यू मामलों की वकालत की. जुलाई 1996 में हमीरपुर में सब-जज-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की. रोहड़ू, पालमपुर और कसौली में सेवाएं देने के बाद उच्च न्यायिक सेवा में पहुंचे. शिमला, घुमारवीं, किन्नौर, चंबा और कांगड़ा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे. लेबर कोर्ट-कम-इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट रजिस्ट्रार और हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी के निदेशक के पद पर भी सेवाएं दीं. अप्रैल 2025 से सिरमौर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे.

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