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ट्राई ने इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय से कार्रवाई करने के अधिकार मांगे, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कदम उठवाया जाएगा

ट्राई ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से आईटी कानून एक्ट के तहत कॉल मैनेजमेंट ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई करने के अधिकार मांगे हैं। ट्राई का कहना है कि ये ऐप्स कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए खास नंबर सीरीज से आने वाली कॉल्स को स्पैम के तौर पर टैग और ब्लॉक कर रहे हैं, जिससे वैलिड कमर्शियल कम्युनिकेशन में दिक्कत हो रही है।

6 जुलाई 2026 को 03:23 am बजे
ट्राई ने इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय से कार्रवाई करने के अधिकार मांगे, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कदम उठवाया जाएगा

सौजन्य से:- Navbharat Times

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्राई ने आईटी कानून एक्ट के तहत कॉल मैनेजमेंट ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे Truecaller, Hiya और Whoscall) के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकार मांगे हैं। सूत्रों का कहना है कि ये ऐप्स कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए खास नंबर सीरीज (1400 और 1600) से आने वाली कॉल्स को स्पैम के तौर पर टैग और ब्लॉक कर रहे हैं।

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क्या है समस्या?

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अनचाही टैगिंग या ब्लॉकिंग से वैलिड कमर्शियल कम्युनिकेशन में दिक्कत होती है। साथ ही सरकारी पहलों में भी बाधा आती है। एक अधिकारी ने कहा कि गलत टैगिंग के कारण कंपनियां सामान्य 10-अंकों वाले नंबरों का इस्तेमाल करने लग सकती हैं। इससे स्पैम और ग्राहकों का अविश्वास बढ़ सकता है।ट्राई ऐसे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि वे इंटरमीडियरी होने के नाते वे आईटी एक्ट के दायरे में आते हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर्स की तरह ये प्लेटफॉर्म्स दूरसंचार विभाग के तहत लाइसेंस होल्डर नहीं होते हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर्स को ट्राई के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होता है। लेकिन ऐप्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ट्राई कार्रवाई नहीं कर सकता।

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क्या है मकसद?

एक अधिकारी ने कहा कि इस कवायद का मकसद ऐप्स को रेगुलेट करना नहीं है लेकिन आईटी कानून में एक प्रावधान है कि अगर कोई ऐप कानून का उल्लंघन करता है, तो संबंधित मंत्रालय या प्रशासनिक अथॉरिटी उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर सकती है। हालांकि सेफ हार्बर प्रावधान हैं, फिर भी ऐप्स को देश के कानून का पालन करना होगा।सेफ हार्बर नियमों का मतलब उन कानूनी प्रावधानों से है जो कंपनियों को नियामकीय पचड़ों से बचाते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें नियम-कानूनों को पूरा करना होता है। ट्राई के अधिकारी के मुताबिक कुछ ऐप्स नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ट्राई चाहता है कि उसे इस एक्ट के तहत अधिकृत एजेंसी के तौर पर नामित किया जाए। इससे उसे उल्लंघनों के बारे में प्लेटफॉर्म्स को औपचारिक रूप से सूचित करने और नियमों का पालन कराने का अधिकार मिल जाएगा।

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कंपनी ने क्या कहा?

अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के इस मांग पर सहमत होने की उम्मीद है और अब दूरसंचार विभाग आगे की कार्रवाई शुरू करेगा। इस बारे में ट्राई को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला। Truecaller ने कहा कि वह ट्राई के उस नियम का पालन कर रहा है जिसके तहत तय सीरीज के नंबरों को स्पैम के तौर पर टैग या ऑटो-ब्लॉक नहीं किया जा सकता।कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि Truecaller तय सीरीज के किसी नंबर को स्पैम के तौर पर पहचान भी लेता है, तो भी हम उसे स्पैम के तौर पर टैग नहीं करेंगे। Truecaller को कुछ नंबरों के लिए लाखों स्पैम रिपोर्ट मिलती हैं, लेकिन ट्राई के नियम का पालन करते हुए, हम उन्हें स्पैम के तौर पर नहीं दिखाते हैं।

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