शिवसेना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बड़ी गिरफ्तारी की संभावना!
शिवसेना की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह से गैरकानूनी है. उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार, ऐसे लोगों को अयोग्य ठहराया जाएगा और उनके पद से हटा दिया जाएगा, जो कानून और नियमों का पालन नहीं करते हैं.

सौजन्य से:- ABP News
शिवसेना पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, संजय राउत क्या बोले?
Sanjay Raut On Shiv Sena: सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना (UBT) की याचिका पर सुनवाई के बीच संजय राउत ने चुनाव आयोग के फैसले को अवैध बताते हुए संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाया.
शिवसेना (UBT) की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसके तहत एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना की आधिकारिक पार्टी के रूप में मान्यता दी गई थी. सुनवाई के दौरान शिवसेना (UBT) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा. इस बीच पार्टी सांसद संजय राउत ने भी चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताया.
संजय राउत ने कहा, "संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के अनुसार, इस मामले सहित ऐसी किसी भी कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट रूप से निर्धारित है कि ऐसे सभी लोगों को अयोग्य ठहराया जाएगा और उनके पद से हटा दिया जाएगा."
'बिहार में तो AK-47...', छात्रों के आंदोलन पर बोलीं प्रियंका चतुर्वेदी
उन्होंने आगे कहा, "शिवसेना का चुनाव चिह्न और मूल शिवसेना उन्हें पूरी तरह अवैध तरीके से सौंप दी गई. इसमें न किसी नियम का पालन किया गया, न कानून का और न ही संविधान के किसी प्रावधान का. आज भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कपिल सिब्बल ने यही तर्क रखा."
सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला?
शिवसेना (UBT) ने चुनाव आयोग के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को शिवसेना की आधिकारिक पार्टी के रूप में मान्यता दी गई थी. साथ ही पार्टी का चुनाव चिह्न भी शिंदे गुट को आवंटित किया गया था. UBT का कहना है कि यह फैसला संविधान, कानून और तय प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है.
इस मामले को महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर सभी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है. आने वाले समय में अदालत का फैसला यह तय करेगा कि चुनाव आयोग का निर्णय कानूनी कसौटी पर कितना सही ठहरता है. फिलहाल, शिवसेना (UBT) लगातार इस फैसले का विरोध कर रही है और अदालत में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए है.
मुंबई पुलिस में 6.4 करोड़ का पेरोल स्कैम, 10 घोस्ट एम्प्लॉई का खुलासा
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
10 साल पुरानी डीजल गाड़ी के लिए नहीं मिला PUC सर्टिफिकेट, मालिक ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई।

बिहारशरीफ में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी शुरू, अधिवक्ताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

राजनीतिक दल पर पार्टी विधायकों का अधिपत्य: सुप्रीम कोर्ट

पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को जमानत की उम्मीद, स्वास्थ्य ही रहा बातचीत का आधार

नागरिक संपत्ति विवादों में पुलिस हस्तक्षेप पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में कहा, राजनीतिक दल के नियम विधायक दल के बहुमत से ऊपर

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना विवाद: उद्धव और एकनाथ गुट में कौन है असली पार्टी?

अभिषेक बनर्जी की आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति खारिज
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कानून की चुनौती पर अंतिम सुनवाई की तारीख तय की
- अदालत परिसर में अभद्र व्यवहार पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- सुप्रीम कोर्ट: निर्णय स्पष्ट रूप से संभावित नहीं होने पर पूर्वव्यापी रूप से लागू
- न्यायिक कार्यवाही की रिपोर्टिंग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
- सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू
- सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को राज्यसभा की मंजूरी
- उत्तराखंड बार काउंसिल के सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी बीसीआई के प्रस्ताव
- सुप्रीम कोर्ट में अब 38 जज, सरकार ने कानून संसद से पारित कराया

