दहेज हत्या मामले में अदालत का फैसला: पति और ससुराल वाले दोषमुक्त
दहेज हत्या के मामले में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव के कारण पति, सास और ससुर को दोषमुक्त कर दिया। मृतका का पति करीब 1,195 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुआ। अदालत के फैसले से परिवार को बड़ी राहत मिली है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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दहेज हत्या: पत्नी के कत्ल में काटी 1,195 दिन की जेल, अदालत में नहीं साबित हुए आरोप; पति सहित तीन दोषमुक्त
Fri, 17 Jul 2026 01:56 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:56 PM IST
सार
दहेज हत्या के मामले में एडीजे-19 की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के विरोधाभासी बयानों के चलते पति, सास और ससुर को दोषमुक्त कर दिया। मृतका का पति करीब 1,195 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हुआ।
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विस्तार
आगरा में दहेज हत्या व अन्य आरोपों के मामले में अभियोजन पक्ष अदालत में आरोपों को सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका। एडीजे-19 लोकेश कुमार ने साक्ष्य के अभाव और गवाहों के बयानों में विरोधाभास को देखते हुए मृतका के पति रवि चौधरी, सास रेखा देवी और ससुर कोमल सिंह को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृतका का पति 1,195 दिन जेल में रहा।
थाना सिकंदरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सूरज ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 8 मार्च, 2018 को उन्होंने अपनी बहन सोनिया की शादी गांव रेती का नगला निवासी रवि चौधरी के साथ की थी। पति व अन्य ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं हुए। अतिरिक्त दहेज में 5 लाख रुपये और कार की मांग करते। मांग पूरी न होने पर बहन का उत्पीड़न करते थे।
पहले बहन की बेटी को भी मार दिया था। 12 मार्च, 2023 को पति रवि, सास रेखा देवी, ससुर कोमल सिंह तथा देवर नरेश ने बहन सोनिया को फंदे से लटकाकर मार दिया। घटना के बाद घर से चले गए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 22 मार्च 2023 को मृतका के पति रवि, ससुर कोमल सिंह और सास रेखा देवी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। वहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
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विवेचना के दौरान देवर नरेश के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपपत्र से विवेचक ने उसका नाम निकाल दिया। हाईकोर्ट से सास-ससुर को जमानत मिल गई। पति रवि 22 मार्च, 2023 से अदालत में मुकदमे की सुनवाई चलने तक 7 जुलाई, 2026 तक जेल के अंदर रहा। अदालत के दोषमुक्त करने पर रिहा हुआ।
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थाना सिकंदरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सूरज ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 8 मार्च, 2018 को उन्होंने अपनी बहन सोनिया की शादी गांव रेती का नगला निवासी रवि चौधरी के साथ की थी। पति व अन्य ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं हुए। अतिरिक्त दहेज में 5 लाख रुपये और कार की मांग करते। मांग पूरी न होने पर बहन का उत्पीड़न करते थे।
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पहले बहन की बेटी को भी मार दिया था। 12 मार्च, 2023 को पति रवि, सास रेखा देवी, ससुर कोमल सिंह तथा देवर नरेश ने बहन सोनिया को फंदे से लटकाकर मार दिया। घटना के बाद घर से चले गए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 22 मार्च 2023 को मृतका के पति रवि, ससुर कोमल सिंह और सास रेखा देवी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। वहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।
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विवेचना के दौरान देवर नरेश के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपपत्र से विवेचक ने उसका नाम निकाल दिया। हाईकोर्ट से सास-ससुर को जमानत मिल गई। पति रवि 22 मार्च, 2023 से अदालत में मुकदमे की सुनवाई चलने तक 7 जुलाई, 2026 तक जेल के अंदर रहा। अदालत के दोषमुक्त करने पर रिहा हुआ।
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