सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत : विवादों का शांतिपूर्ण समाधान
गुरदासपुर जिले में 21, 22 और 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन होगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट में लंबित दीवानी और वैवाहिक मामलों का जल्द और सरल समाधान किया जाएगा

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Punjab
- Gurdaspur
- Batala
- Supreme Court Special Lok Adalat | Gurdaspur DLSA Dilbag Singh Johal
सुप्रीम कोर्ट 21, 22, 23 अगस्त को स्पेशल लोक अदालत:शीर्ष अदालतों में लंबित मामलों को लेकर अनूठी पहल, गुरदासपुर व सब-डिवीजन स्तर पर आयोजन
- कॉपी लिंक
भारत का सुप्रीम कोर्ट 21, 22 और 23 अगस्त को देश की शीर्ष अदालत में लंबे समय से लंबित मुकदमों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए एक ‘विशेष लोक अदालत’ का आयोजन करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल को सफल बनाने के लिए गुरदासपुर जिले में जमीनी स्तर पर
सत्र न्यायाधीश दिलबाग सिंह जोहल ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बोझ को कम करना और वैकल्पिक विवाद समाधान (Alternative Dispute Resolution - ADR) प्रणाली के माध्यम से आम लोगों को जल्द व सुलभ न्याय दिलाना है।
इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों की आपसी सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे मुकदमों का हमेशा के लिए शांतिपूर्ण अंत हो सके। इस विशेष लोक अदालत के दायरे में ऐसे मामलों को शामिल किया गया है, जिन्हें कानूनन आपसी सुलह और समझौते से सुलझाया जा सकता है।
इन दीवानी और वैवाहिक मामलों का हो सकेगा निपटारा
- वैवाहिक व पारिवारिक विवाद
- मोटर दुर्घटना दावा (MACT) मामले
- सेवा (Service) संबंधी एवं वेतन विवाद
- भूमि अधिग्रहण व खरीद से जुड़े मामले
- उपभोक्ता संरक्षण (Consumer) मामले
- अन्य कानूनी दीवानी (Civil) विवाद
गुरदासपुर और सब-डिवीजन स्तर पर प्री-लोक अदालतों का आयोजन
सुप्रीम कोर्ट की इस विशेष अदालत की तैयारी के रूप में गुरदासपुर जिला मुख्यालय और उप-मंडल (सब-डिवीजन) स्तर पर 'प्री-लोक अदालतें' आयोजित की जा रही हैं। जोहल ने बताया कि इन मामलों की सूची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरदासपुर को मुख्य कार्यालय एसएएस. नगर (मोहाली) के माध्यम से सीधे सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त हुई है। इस सूची के आधार पर प्राधिकरण द्वारा संबंधित दोनों पक्षों को समन (नोटिस) जारी कर बुलाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्री-लोक अदालतों की रिपोर्ट भेजी जाएगी दिल्ली
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कुशल नेतृत्व में लगाई जा रही इन प्री-लोक अदालतों का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की तारीख से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता साफ करना है। प्री-लोक अदालतों के माध्यम से जिन मामलों में दोनों पक्ष समझौते के लिए राजी हो जाएंगे, उनकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य मुख्यालय एसएएस नगर भेजी जाएगी। इसके बाद, 21 से 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत के समक्ष इन मामलों पर अंतिम समझौते की कानूनी मुहर लगाई जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की जनता से अपील
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिलबाग सिंह जोहल ने आम जनता और वादियों से अपील की है कि वे इस स्वर्णिम अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने लंबित मामलों का कोर्ट-कचहरी के चक्करों से दूर, बिना किसी मानसिक तनाव और खर्च के निपटारा चाहते हैं, वे तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरदासपुर से संपर्क करें और अपने मुकदमों को इन प्री-लोक अदालतों में रखवाएं।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट को सिनेमाघरों में एनीमेशन फिल्म देखनी होगी

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तीसरी भाषा नीति पर उठाए सवाल

मणिपुर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर एलपीजी एजेंसी चलाने का आरोप

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूजीसी को मौजूदा छात्रों पर नए क्लिनिकल साइकोलॉजी ढांचे को लागू न करने का निर्देश दिया

दिल्ली सरकार का नई व्यवस्था, समय पर नहीं मिला बर्थ सर्टिफिकेट या बिजली कनेक्शन तो मिलेगा 5000 रुपए मुआवजा

चाइनीज मांझे पर सख्ती की तैयारी, यूपी सरकार लाएगी अलग कानून

न्यायाधीश की एलपीजी एजेंसी: न्यायिक आचरण के उल्लंघन का मामला

अपीलीय अदालतों को स्वतंत्र निर्णय लेना होगा, ट्रायल कोर्ट के फैसले को आसानी से नहीं पलट सकेंगी: सुप्रीम कोर्ट
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को दिया निर्देश, अब उन्हें स्वतंत्र कारण बताने होंगे
- सोनम वांगचुक की जान बचाने के लिए सरकार को दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की: ऑक्सीजन शॉट्स लेंगे लोग?
- अपीलीय अदालतों को कानूनी नियमों का पालन करना होगा, ट्रायल कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे
- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से डिजिटल मूल्यांकन में गड़बड़ी रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी
- कानूनी खुलासे: वांगचुक, आईवीएफ, एविएशन, आईआईटी और दिनभर की चर्चाएं
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा - खुद के लिए खेती की जमीन खरीदने की पहली शरुआत का अधिकार, खेती की जमीन पर भी हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम लागू
- कृषि और पर्यावरण क्षेत्र में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सुधार: 10 कानूनों में संशोधन और सरलीकरण

