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सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का आदेश दिया छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के खिलाफ

सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सुनवाई का आदेश दिया है। सोमवार को इन याचिकाओं पर सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता ने पुलिस के अत्यधिक बल के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया है।

24 जुलाई 2026 को 06:15 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई का आदेश दिया छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के खिलाफ

सौजन्य से:- Hindustan

छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर दायर याचिकाओं की सुनवाई करने का निर्णय लिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पुलिस के अत्यधिक बल के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया और त्वरित न्याय की आवश्यकता बताई।

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को दिल्ली सहित देशभर में आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करने को तैयार हो गई। शीर्ष अदालत ने कहा कि सोमवार को इन याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने यह मामला उठाया। उन्होंने पीठ से मामले की गंभीरता और जल्द सुनवाई की जरूरत बताते हुए कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित हिंसा से जुड़ी दो याचिकाएं अब औपचारिक रूप से दाखिल की दी गई हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता शंकरनारायणन ने कहा कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान देशभर में हुई हिंसा से जुड़ी दो याचिकाएं हैं।

उन्होंने पीठ से कहा कि इन याचिकाओं का जिक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम डायरी नंबर मिलने तक इनका जिक्र नहीं करना चाहते थे। अब हमारे पास डायरी नंबर और ठीक से तैयार की गई याचिकाएं हैं। राज्य भी इसमें पक्षकार हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता ने तुरंत न्यायिक दखल की जरूरत बताते हुए कहा कि पुलिस की ज्यादती की कथित घटनाएं अभी भी जारी हैं।उन्होंने कहा कि यह मामला जरूरी है क्योंकि ऐसा रोज हो रहा है। पुलिस बच्चों के खिलाफ बहुत अधिक बल का इस्तेमाल कर रही है। यह सब बिना रुके चल रहा है। कुछ रोक-टोक जरूरी है। कोर्ट हमारे और पुलिस के बीच है। वरिष्ठ अधिवक्ता शंकरनारायणन के इस आग्रह पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि दोनों याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता शंकरनारायणन ने मामले की गंभीरता को फिर से बताया, तो मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।

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