राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता रथ किया गया रवाना
राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता रथ किया गया रवाना मुंगेर में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जागरूकता रथ रवाना किया गया। न्यायाधीश आलोक गुप्ता और सचिव दिनेश कुमार ने रथ को हरी झंडी दिखाई।…

सौजन्य से:- Hindustan
राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जागरूकता रथ किया गया रवाना
मुंगेर में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जागरूकता रथ रवाना किया गया। न्यायाधीश आलोक गुप्ता और सचिव दिनेश कुमार ने रथ को हरी झंडी दिखाई। यह रथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करेगा और आपसी सुलह के माध्यम से मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रेरित करेगा।
मुंगेर, एक संवाददाता। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मुंगेर की ओर से जागरूकता रथ रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मुंगेर आलोक गुप्ता एवं सचिव दिनेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। जागरूकता रथ सुदूर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति जागरूक करेगा। इस दौरान लोगों को आपसी सुलह के माध्यम से मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा। मौके पर अध्यक्ष ने बताया कि, आगामी लोक अदालत में अधिक-से-अधिक मामलों के निष्पादन के लिए पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए हैं।
न्यायिक पदाधिकारी भी पक्षकारों के साथ प्रतिदिन प्री-सिटिंग कर मामलों में सुलह कराने का प्रयास कर रहे हैं।वहीं, सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि, लोक अदालत में मामलों का निस्तारण दोनों पक्षों की सहमति से होता है। लोक अदालत का अवार्ड सिविल कोर्ट की डिक्री के समान कानूनी मान्यता रखता है। वाद के निस्तारण के बाद जमा किया गया न्याय शुल्क भी वापस कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि, सुलह के आधार पर होने वाले निस्तारण में किसी पक्ष की हार-जीत नहीं होती और दोनों पक्षों के बीच सौहार्द बना रहता है। मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, मुंसिफ, न्यायिक दंडाधिकारी, विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, एलएडीसीएस के अधिकारी-कर्मचारी, पैनल अधिवक्ता, अधिकार मित्र और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मी मौजूद रहे।
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