होमवकीलसुप्रीम कोर्ट का महुआ मोइत्रा को झटका, हेट स्पीच मामले में पुलिस के सामने पेश होने से नहीं मिली राहत
वकील

सुप्रीम कोर्ट का महुआ मोइत्रा को झटका, हेट स्पीच मामले में पुलिस के सामने पेश होने से नहीं मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। मोइत्रा पर हेट स्पीच का मामला चल रहा है और उन्हें पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था।

7 अगस्त 2026 को 11:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट का महुआ मोइत्रा को झटका, हेट स्पीच मामले में पुलिस के सामने पेश होने से नहीं मिली राहत

सौजन्य से:- Aaj Tak News

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत उन्हें एक हेट स्पीच मामले में 15 अगस्त को पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने साफ कहा कि वह हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने के पक्ष में नहीं है.

Advertisement

मोइत्रा की तरफ से पेश सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कोर्ट को बताया कि कानून के तहत उनकी मुवक्किल को वर्चुअली पुलिस के सामने पेश होने का अधिकार है. उन्होंने बताया कि पुलिस के नोटिस के मुताबिक मोइत्रा को अपने ही संसदीय क्षेत्र के थाने में जाना होगा. वकील ने कहा कि पिछली बार जब वह वहां गई थीं तो पहले उन्हें अंडे फेंकने की धमकी मिली थी और दूसरी बार सच में उन पर अंडे फेंके गए थे.

इस दलील पर बेंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि मोइत्रा एक सांसद हैं और जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा है तो क्या वह अंडों से डर रही हैं. बेंच ने यह भी कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने सीने पर गोलियां खाई थीं और ऐसी अर्जियां कोर्ट के सामने आनी ही नहीं चाहिए. जब कोर्ट ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया तो वकील ने खुद ही याचिका वापस ले ली, जिसके बाद मामला वापस लिया हुआ मानकर खारिज कर दिया गया.

Advertisement

गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने 21 जुलाई को इस हेट स्पीच केस में मोइत्रा को 5 अक्टूबर तक किसी भी सख्त कार्रवाई से अंतरिम राहत दी थी. मोइत्रा का दावा है कि यह केस झूठे आरोपों पर बनाया गया है. यह मामला नदिया जिले के होगलबेरिया थाने में दर्ज है. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मोइत्रा को 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि मोइत्रा पर लगी बीएनएस धाराओं में सजा सात साल से कम है, इसलिए जांच में सहयोग करने पर उन्हें राहत मिल सकती है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को तय की है.

---- समाप्त ----

Read more!

Advertisement

Latest News in Hindi »

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: पूर्वव्यापी कर संशोधन से दंडात्मक परिणाम नहीं हो सकते
वकील

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: पूर्वव्यापी कर संशोधन से दंडात्मक परिणाम नहीं हो सकते

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, भूपेश बघेल को मिला झटका
वकील

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, भूपेश बघेल को मिला झटका

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया: दीपक प्रकाश एमएलसी के रूप में मनोनीत, मंत्री पद पर बने रहेंगे
वकील

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया: दीपक प्रकाश एमएलसी के रूप में मनोनीत, मंत्री पद पर बने रहेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने याची छात्रों से कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय से ही राहत की अपील करें
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने याची छात्रों से कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय से ही राहत की अपील करें

सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग पोर्टल और ऑनलाइन सामग्री अवरुद्ध करने की शक्तियों के खिलाफ याचिकाओं पर रोक लगाई
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग पोर्टल और ऑनलाइन सामग्री अवरुद्ध करने की शक्तियों के खिलाफ याचिकाओं पर रोक लगाई

एआई का उपयोग न्यायिक बुद्धिमत्ता को बढ़ा सकता है: सीजेआई सूर्यकांत
वकील

एआई का उपयोग न्यायिक बुद्धिमत्ता को बढ़ा सकता है: सीजेआई सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग पोर्टल को चुनौती देने वाले उच्च न्यायालयों की कार्यवाही पर रोक लगा दी है
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग पोर्टल को चुनौती देने वाले उच्च न्यायालयों की कार्यवाही पर रोक लगा दी है

11 साल बाद 43 सहायक शिक्षकों को मिला न्याय, विद्यालयों में पदस्थापना के आदेश
वकील

11 साल बाद 43 सहायक शिक्षकों को मिला न्याय, विद्यालयों में पदस्थापना के आदेश

ताज़ा ख़बरें