सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली में पटाखों पर आंशिक प्रतिबंध अपनाया, पूर्ण बैन नहीं
कोर्ट ने दिवाली के दौरान पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध और 24 घंटे बिना रोक‑टोक उपयोग दोनों को खारिज कर दिया, क्योंकि इससे बुजुर्ग, मरीज और बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और पी.बी. वराले ने समय‑सीमित उपयोग और एक‑फ्यूज वाले संयोजन पटाखों को शर्तों के तहत मंजूरी देने का सुझाव दिया, जबकि बारीयम‑आधारित पटाखों पर रिपोर्ट देने के लिए सीपीसीबी को 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दिन पटाखों पर पूरी तरह बैन लगाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिवाली पर दिनभर पटाखे जलाने की अनुमति देने से बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों समेत लोगों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा.
By Sumit Saxena
Published : September 30, 2026 at 3:14 PM IST
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आने वाले दिवाली सीजन में पटाखों के इस्तेमाल पर बीच का रास्ता अपनाने का संकेत दिया, और पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध और बिना रोक-टोक के इस्तेमाल, दोनों को खारिज कर दिया.
इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने संकेत दिया कि वह पटाखों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे दीपावली मनाने वाले लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं, लेकिन अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह पूरे दिन पटाखे जलाने की अनुमति नहीं देगी.
पीठ ने कहा, "हम इसे बिल्कुल स्पष्ट कर देते हैं. न तो हम पूर्ण प्रतिबंध के लिए आपसे सहमत होने जा रहे हैं, और न ही हम उन्हें 24 घंटे के लिए ऐसा करने की अनुमति देंगे. पूर्ण प्रतिबंध से भावनाएं आहत होंगी."
सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि पूरे दिन पटाखे जलाने की अनुमति देने से बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों समेत लोगों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. पीठ ने कहा, "हमें एक ऐसा समाधान खोजना होगा जिसके द्वारा हम एक निश्चित समय दे सकें..."
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी (ASG) ने बेरियम-आधारित पटाखों के उपयोग पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के जवाब को रिकॉर्ड पर लाने के लिए कोर्ट से 15 अक्टूबर तक का समय मांगा. भाटी ने कहा कि बेरियम वाले पटाखों का खुले में परीक्षण किया जाना अभी बाकी है.
यह भी सुझाव दिया गया कि लड़ी वाले पटाखों को कुछ शर्तों के अधीन अनुमति दी जा सकती है, जिनमें एक ही फ्यूज से जुड़े पटाखों की एक पूरी श्रृंखला होती है जो लगातार एक के बाद एक फटते हैं. पीठ ने कहा कि वह इस सुझाव पर विचार करने के लिए तैयार है.
इसे अपने आदेश में दर्ज किया गया, "सुनवाई के दौरान, ASG ने संयुक्त पटाखों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की. हम दिए गए सुझावों को स्वीकार करने के लिए इच्छुक हैं."
इस बीच, वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए एक वकील ने दलील दी कि दीपावली के दौरान पराली भी जलाई जाएगी. पीठ ने आश्वासन दिया कि वह पटाखों के अनियंत्रित उपयोग की अनुमति नहीं देने जा रही है, और कहा कि वह इस बात की जांच करेगी कि क्या त्योहारों के मौसम में तय समय के दौरान उनका उपयोग किया जा सकता है या नहीं.
सुप्रीम कोर्ट ने CPCB को बेरियम वाले पटाखों के प्रभाव पर अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए समय दिया.
पीठ 2015 के एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें वह अक्टूबर और जनवरी के बीच दिल्ली और वायु प्रदूषण से प्रभावित अन्य राज्यों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश पारित करती रही है. अक्टूबर 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली के लिए दिल्ली-NCR में पटाखों पर प्रतिबंध में ढील दी थी, और दीपावली के दिन ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की इजाजत दी थी.
यह भी पढ़ें- चुनाव आयोग विवाद: सुप्रीम कोर्ट CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुनवाई को तैयार
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफ़रोज़ की प्रिवेंटिव डिटेंशन हटाई, उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये जुर्माना

क्या CSI की आंतरिक आदेश पर भी लिखित याचिका दायर हो सकती है? मदरास हाई कोर्ट ने बड़ी बेंच का अनुरोध किया

DUSU चुनाव में धांधली के आरोपों को कोर्ट ने खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर 18 वर्ष की उम्र सीमा लागू करने की संभावना जताई

मद्रास हाई कोर्ट ने CSI को कहा: झगड़े सुलझाएँ शांति से, मुकदमों से नहीं

अंबेडकरनगर के डीके उपाध्याय का सुप्रीम कोर्ट ज्वॉइंट, मुस्कुराई में उमंग की लहर

गुजरात HC की सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने की सिफारिश, महिला जजों की संख्या होगी तीन

दिल्ली हाई कोर्ट ने फाइएसएसएआई के रेड बुल पर “एनर्जी ड्रिंक” टैग हटाने के आदेश को रद्द किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार को थर्ड‑देश निर्वासन जारी रखने की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने फोर्टिस केस में फॉरेन्सिक ऑडिट को मंजूरी दी
- सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या तीन हो सकती है, सुनीता अग्रवाल की सिफ़ारिश
- सोलन में अदालत ने पति की धोखाधड़ी और क्रूरता के मामले में पत्नी के तलाक के पक्ष में फैसला सुनाया
- बिकरू केस में दो गैंगस्टर को मिली सुप्रीम कोर्ट की बशर्त जमानत, छह साल बाद जेल से रिहा होने की राह आसान
- बागपत में छात्रों के साथ 'बच्चों की अदालत' में पॉक्सो एक्ट जागरूकता सत्र
- सुप्रीम कोर्ट में तीसरी महिला जज: जस्टिस सुनीता अग्रवाल की पदोन्नति से महिला जजों की संख्या तीन होगी
- सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस को 'नॉनसेंस' कहा, जांच में हेरफेर पर चेतावनी

