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सुप्रीम कोर्ट में तीसरी महिला जज: जस्टिस सुनीता अग्रवाल की पदोन्नति से महिला जजों की संख्या तीन होगी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की है, जिससे महिला जजों की संख्या दो से बढ़कर तीन हो जाएगी। वर्तमान में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना कार्यरत हैं, और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अग्रवाल तीसरी महिला जज बनेंगी।

29 सितंबर 2026 को 06:06 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट में तीसरी महिला जज: जस्टिस सुनीता अग्रवाल की पदोन्नति से महिला जजों की संख्या तीन होगी

सौजन्य से:- Jagran

सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी महिला जजों की संख्या, कॉलेजियम ने की जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की है।

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन होगी।

- कॉलेजियम ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश की।

- वर्तमान में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना कार्यरत हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। इस समय सुप्रीम कोर्ट में दो महिला जज हैं। इनमें जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं।

कॉलेजियम ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल के साथ दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को भी सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। कॉलेजियम की सिफारिश को कुछ दिनों में मंजूरी मिलने की संभावना है।

कॉलेजियम की सिफरिश को केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद जस्टिस सुनीता सुप्रीम कोर्ट की तीसरी महिला जज होंगी। जस्टिस बीवी. नागरत्ना 31 अगस्त, 2021 से शीर्ष कोर्ट में जज हैं। वह 2027 में एक महीने से ज्यादा समय के लिए प्रधान न्यायाधीश भी बन सकती हैं।

वहीं जस्टिस मोहना को इस साल जून में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था। जस्टिस सुनीता ने दिसंबर 1990 में वकील के तौर पर पंजीकरण कराया। नवंबर 2011 में उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया। अगस्त 2013 में उन्हें स्थायी जज नियुक्त किया गया। वह 23 जुलाई 2023 को गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बनीं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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