DUSU चुनाव में धांधली के आरोपों को कोर्ट ने खारिज किया
दिल्ली हाई कोर्ट ने DUSU चुनाव के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका को अस्वीकार कर दिया, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और एबीवीपी पक्ष में प्रचार का आरोप था। याचिकाकर्ता द्वारा पेश की गई तस्वीरों में तिथि और पहचान की स्पष्टता न होने के कारण उन्हें सबूत के रूप में मान्य नहीं माना गया। इस निर्णय के बाद यश डबास को 24,576 वोटों से विजयी घोषित किया गया।

सौजन्य से:- livehindustan.com
DUSU चुनाव में धांधली और ABVP के लिए वोट जुटाने का था आरोप; अदालत का फैसला आया
डूसू चुनाव में धांधली और चुनाव अधिकारियों पर एबीवीपी के लिए प्रचार करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका डाली गई थी। अदालत ने वजह बताते हुए याचिका खारिज कर दी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी। याचिका में चुनाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर एबीवीपी के पक्ष में प्रचार करने के आरोप लगाए गए थे। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने एनएसयूआई उम्मीदवार विजय शंकर मीणा की याचिका खारिज की। मीणा ने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। उन्होंने चुनाव परिणाम रद्द करने की मांग की थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने आरोपों के समर्थन में कुछ तस्वीरें अदालत के सामने रखीं। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इन तस्वीरों से यह साबित नहीं होता कि उनमें दिखाई दे रहे लोग दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े थे या चुनाव के दौरान किसी उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे।
अदालत ने क्या कहा
लाइव एंड लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने यह भी कहा कि तस्वीरों पर तारीख नहीं थी और उनसे जुड़ी जरूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए इन तस्वीरों के आधार पर आरोपों पर विचार नहीं किया जा सकता। यह भी कहा कि तस्वीरों में दिखाई देने वाले कथित लोगों को याचिका में पक्षकार भी नहीं बनाया गया था।
लिंगदोह समिति की सिफारिशों का भी हवाला
याचिकाकर्ता ने कॉलेज और विश्वविद्यालय चुनावों से जुड़ी लिंगदोह समिति की सिफारिशों का भी हवाला दिया था। हालांकि, अदालत ने कहा कि इस मामले में इन सिफारिशों को लागू करने के लिए जरूरी तथ्य सामने नहीं रखे गए। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता तस्वीरों में दिखाए गए घटनाक्रम की तारीख और समय तक स्पष्ट नहीं कर पाया।
विश्वविद्यालय ने कहा- जल्द फैसला करेंगे
दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता ने चार दिन पहले जो शिकायत दी है, उस पर जल्द से जल्द फैसला किया जाएगा। कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड में लिया और याचिका का निपटारा कर दिया।
क्या आए थे चुनाव परिणाम
याचिका में 19 सितंबर को घोषित डूसू चुनाव परिणाम को रद्द करने की मांग की गई थी। चुनाव में एबीवीपी के यश डबास अध्यक्ष का चुनाव जीते थे। उन्हें 24,576 वोट मिले थे, जबकि विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। दोनों के बीच 2,053 वोटों का अंतर रहा।
क्या आरोप लगाए गए
याचिका में आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों के प्रिंसिपल, प्रोफेसर और चुनाव अधिकारियों ने एबीवीपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। दावा था कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई। याचिका में पांच कॉलेजों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की गई। इसमें मतदान प्रतिशत में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। आरोप लगाया कि सत्यवती कॉलेज में चुनाव अधिकारी बनाए गए अंकित सांगवान और मोहित दहिया ने मतदान से पहले एबीवीपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया था।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफ़रोज़ की प्रिवेंटिव डिटेंशन हटाई, उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये जुर्माना

क्या CSI की आंतरिक आदेश पर भी लिखित याचिका दायर हो सकती है? मदरास हाई कोर्ट ने बड़ी बेंच का अनुरोध किया

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली में पटाखों पर आंशिक प्रतिबंध अपनाया, पूर्ण बैन नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया पर 18 वर्ष की उम्र सीमा लागू करने की संभावना जताई

मद्रास हाई कोर्ट ने CSI को कहा: झगड़े सुलझाएँ शांति से, मुकदमों से नहीं

अंबेडकरनगर के डीके उपाध्याय का सुप्रीम कोर्ट ज्वॉइंट, मुस्कुराई में उमंग की लहर

गुजरात HC की सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट जज बनाने की सिफारिश, महिला जजों की संख्या होगी तीन

दिल्ली हाई कोर्ट ने फाइएसएसएआई के रेड बुल पर “एनर्जी ड्रिंक” टैग हटाने के आदेश को रद्द किया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार को थर्ड‑देश निर्वासन जारी रखने की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने फोर्टिस केस में फॉरेन्सिक ऑडिट को मंजूरी दी
- सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या तीन हो सकती है, सुनीता अग्रवाल की सिफ़ारिश
- सोलन में अदालत ने पति की धोखाधड़ी और क्रूरता के मामले में पत्नी के तलाक के पक्ष में फैसला सुनाया
- बिकरू केस में दो गैंगस्टर को मिली सुप्रीम कोर्ट की बशर्त जमानत, छह साल बाद जेल से रिहा होने की राह आसान
- बागपत में छात्रों के साथ 'बच्चों की अदालत' में पॉक्सो एक्ट जागरूकता सत्र
- सुप्रीम कोर्ट में तीसरी महिला जज: जस्टिस सुनीता अग्रवाल की पदोन्नति से महिला जजों की संख्या तीन होगी
- सुप्रीम कोर्ट की कठोर चेतावनी ने अस्पताल शेयरों को धक्का दिया

