बिहार में मद्य प्रतिबंध तोड़ने पर मिली कड़ी सजा, जुर्माना एक लाख तक
बिहार के न्यायालय ने शराब निषेध कानून के उल्लंघन मामलों में कड़ा रुख अपनाया, जहाँ अभियोजन के साक्ष्यों की कड़ी जांच की जाती है। दोषी पाए जाने पर कठोर दण्ड और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि पुलिस तस्करी रोकने के लिए सक्रिय अभियान चलाती है।

सौजन्य से:- Hindustan
मद्य निषेध कानून के प्रति कोर्ट सख्त, एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
हिन्दुस्तान, बगहा
बिहार में मद्य निषेध कानून के उल्लंघन के मामलों को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। शराब बरामदगी के मामलों में अभियोजन साक्ष्यों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई जा रही है और पुलिस लगातार शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चला रही है।
बगहा। बिहार में लागू मद्य निषेध कानून के उल्लंघन के मामलों को लेकर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। शराब की बरामदगी और इसके अवैध कारोबार से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मद्य निषेध कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।न्यायालय में शराब बरामदगी से जुड़े मामलों में अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है। दोष सिद्ध होने पर अभियुक्तों को कानून के तहत निर्धारित सजा भी सुनाई जा रही है। अदालत, पुलिस व उत्पाद विभाग की ओर से भी शराब की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इसमें लगातार पुलिस को सफलता भी मिल रही है।
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