सुप्रीम कोर्ट ने नई जेंडर संवेदनशीलता एवं शिकायत समिति का गठन किया
10 सितंबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश ने 13 सितंबर से प्रभावी होते हुए सुप्रीम कोर्ट जेंडर संवेदनशीलता और आंतरिक शिकायत समिति (GSICC) को पुनर्गठित करने का आदेश जारी किया। यह पुनर्गठन 2013 के नियमों के उपधारा 4(2) के तहत किया गया है, जिसमें न्यायमूर्ति बी.वी. नागरथना को चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। समिति में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन, एडवोकेट‑ऑन‑रिकॉर्ड एसोसिएशन और बार क्लर्क्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ मुख्य न्यायाधीश के नामांकित सदस्य शामिल हैं।

सौजन्य से:- SCC Online
On 10 September 2026, the Chief Justice of India issued an office order reconstituting the Supreme Court Gender Sensitization and Internal Complaints Committee (GSICC) with effect from 13 September 2026.
Key Takeaways:
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The Supreme Court has reconstituted the Gender Sensitization and Internal Complaints Committee (GSICC).
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The reconstitution has been carried out under Clause 4(2) of the Gender Sensitization & Sexual Harassment of Women at the Supreme Court of India (Prevention, Prohibition & Redressal) Regulations, 2013.
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Hon’ble Mrs. Justice B.V. Nagarathna has been nominated as the Chairperson of the Committee.
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The committee includes representatives of the Supreme Court Bar Association, Supreme Court Advocates-on-Record Association and Supreme Court Bar Clerks Association.
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The committee also includes nominees of the Chief Justice of India and other nominated members in accordance with the 2013 Regulations.
Composition of the Reconstituted GSICC
In 2024, the Supreme Court reconstituted the GSICC with Justice Hima Kohli as its Chairperson; following her retirement later that year, the Committee was reconstituted again with Justice B.V. Nagarathna as Chairperson.
[Supreme Court Office Order Reconstituting GSICC, dated 10-9-2026]
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