लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष की नोंकझोंक के बीच पेपर लीक बिल पास
'एंटी पेपर लीक संशोधन बिल' केंद्र सरकार ने लोकसभा में पारित किया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है। इस नए कानून के तहत पेपर लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष की नोंकझोंक के बीच, पेपर लीक बिल पास, जानें नए कानून की बड़ी बातें
Edited by: दीपांशु|नवभारतटाइम्स.कॉम•
केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लोकसभा में 'एंटी पेपर लीक संशोधन बिल' पास हो गया है।
क्या है नए पेपल लीक कानून लाने का उद्देश्य
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पारित इस विधेयक का मकसद 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन करना है। संशोधन का उद्देश्य सख्त कानूनी प्रावधानों के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे।क्या है नया पेपर लीक कानून
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। नए पेपर लीक कानून के तहत मिलेगी कितनी सजा
पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से पेश नए कानून में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। इसके अलावा विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।कन्वर्सेशन शुरू करें
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