"सार्वजनिक परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए कठोर दंड का प्रस्ताव"
लोकसभा में पास हुए 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' में परीक्षाओं में पेपर लीक या अनुचित साधनों के मामले में कड़ी सजा का प्रस्ताव है। इस कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखना और अपराधियों को सजा दिलाना है।

सौजन्य से:- Hindustan
पेपर लीक विरोधी कानून की मुख्य बातें
लोकसभा में बुधवार को 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पास हुआ, जिसमें अनुचित साधन के उपयोग पर कठोर सजाओं का प्रावधान है। यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता को बनाए रखने और अपराधों को रोकने का उद्देश्य रखता है।
नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा में बुधवार को पास हुए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ में सख्त सजा का प्रस्ताव है। इस कानून का मकसद लोगों, संगठित समूहों और संस्थाओं को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और अपराध करने से प्रभावी ढंग से रोकना है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता बनी रहे।
बिल की मुख्य बातें
1. सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह अधिकार देता है कि वे प्रस्तावित कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए किसी भी सेशन कोर्ट को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के तौर पर नामित कर सकें।
2. विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों में कार्यवाही रोजाना के आधार पर हो और चार्जशीट दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी हो जाए।
विशेष टास्क फोर्स
3. केंद्र सरकार को किसी भी अपराध की जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने का अधिकार देना।
4. कानून के तहत अपराधों की जांच दो महीने के भीतर पूरी हो जाए।
विशेष सरकारी वकील
5. सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून के तहत मामलों को चलाने के लिए एक या ज्यादा विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने का अधिकार।
6. किसी भी फैसले, सजा या आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच में अपील करने का सिस्टम बनाना और अपील स्वीकार होने की तारीख से तीन महीने के भीतर उसका निपटारा करना।
नए कानून के तहत दंड
7. नए कानून के तहत परीक्षाओं में पेपर लीक या अनुचित साधनों में शामिल लोगों को कम से कम पांच साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
8. संगठित अपराधों के लिए बिल में कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
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