ट्रम्प के रूस‑ईरान प्रतिबंध कानून पर कांग्रेस ने ‘धौंस‑जमा करने वाले’ को सख़्त प्रतिरोध की अपील की
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एचआर 5334 पर हस्ताक्षर करके रूस और ईरान पर कड़ी प्रतिबंध और टैरिफ लागू करने वाला कानून पास किया, जिसमें चीन और भारत जैसे प्रमुख ऊर्जा खरीदारों को भी लक्षित किया गया है। भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस कदम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि धौंस जमाने वाले का सामना केवल उसकी मज़बूत प्रतिरोध से ही संभव है, और यह संदेश जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा किया।

सौजन्य से:- ABP News
‘धौंस जमाने वाले से मुकाबले का...’, ट्रंप के साइन किए कानून पर बोली कांग्रेस
अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रतिनिधि सभा के विधेयक 'एचआर 5334 लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और प्रतिबंध कानून, 2026' पर साइन कर इसे कानून का रूप दिया है.
- भारतीय कांग्रेस ने कहा, धौंस का मजबूती से प्रतिरोध करें।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े अधिनियम पर साइन किए जाने को लेकर भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शनिवार (19 सितंबर, 2026) टिप्पणी की है. कांग्रेस ने कहा कि धौंस जमाने वाले किसी भी व्यक्ति का मुकाबला करने का एकमात्र तरीका उसका मजबूती से प्रतिरोध करना है.
ट्रंप ने प्रतिबंध लगाने को लेकर जिस अधिनियम पर साइन किया है, वह रूस और उसके प्रमुख ऊर्जा खरीदारों पर भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान करता है. रूस और ईरान के प्रमुख ऊर्जा खरीदारों में चीन और भारत शामिल है.
ट्रंप की तरफ से साइन किए गए कानून पर बोले जयराम
न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के मुताबिक, इस संबंध में कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने ट्रंप की तरफ से कानून पर साइन किए जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘धौंस जमान वाले का मुकाबला करने का सिर्फ एक ही तरीका है, कि उसका मजूबती से प्रतिरोध करना है.’
The only way to counter a bully is to resist him forcefully https://t.co/rP7OdqJjpN
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) September 19, 2026
रूस और ईरान को लेकर साइन किए गए कानून पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक ऑफिस व्हाइट हाउस ने इस संबंध में कहा, ’राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार (18 सितंबर, 2026) को प्रतिनिधि सभा के विधेयक एचआर 5334 लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और प्रतिबंध कानून, 2026 पर साइन कर इसे कानून का रूप दिया है.’
व्हाइट हाउस ने कहा, ‘यह कानून रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, टैरिफ और अन्य पाबंदियों को लागू करने और उनका दायरा बढ़ाने और ईरान पर लागू मौजूदा प्रतिबंधों का समय बढाने का अधिकार देता है.’
अमेरिकी संसद ने कब पारित किया बिल?
अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े विधेयक को बुधवार (16 सितंबर, 2026) को पारित किया था. इस बिल में रूस के नेतृत्व और एनर्जी सेक्टर के साथ-साथ मॉस्को के डिफेंस बिजनेस में सहयोग करने वालों और उसके तथाकथित ‘शेडो फ्लीट’ (प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहाजों के नेटवर्क) पर बैन लगाने का प्रावधान है.
यह भी पढ़ेंः 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में बोले राहुल- कुछ लोगों का देश के सिस्टम पर कब्जा
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