ट्रम्प ने 100% टैरिफ अधिकार वाला नया प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर, 30 दिनों में प्रभावी
संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति ने एच.आर. 5334, 'लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026' पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया। इस नियम के तहत ट्रम्प को रूस से तेल‑गैस खरीदने वाले भारत, चीन सहित शीर्ष पाँच देशों पर पूर्ण शुल्क लगाने का अधिकार मिला है, और यह कानून हस्ताक्षर के 30 दिन बाद लागू होगा।

सौजन्य से:- Navjivan
भारत पर लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ? ट्रंप ने नए कानून पर किया साइन, 30 दिन के भीतर होगा लागू
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा के विधेयक एच.आर. 5334 ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026’ पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया।
रूस और ईरान पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने वाला लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026 कानून पर ट्रंप ने साइन किए।
रूस से बड़ी मात्रा में तेल/गैस खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत और चीन शामिल हैं, के आयात पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति को मिला है।
कानून हस्ताक्षर के 30 दिन बाद प्रभावी होगा, राष्ट्रपति शुल्क की दर, प्रभावित देशों और कुछ प्रतिबंधों में छूट तय कर सकते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दे दिया है। इस कानून में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने और उससे बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वाले चीन एवं भारत जैसे देशों पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान है।
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को प्रतिनिधि सभा के विधेयक एच.आर. 5334 ‘लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026’ पर हस्ताक्षर कर इसे कानून का रूप दिया। यह रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्क एवं अन्य पाबंदियों को लागू करने एवं उनका दायरा बढ़ाने और ईरान पर लागू मौजूदा प्रतिबंधों की अवधि बढाने का अधिकार देता है।’’
भारत समेत अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने इस अधिनियम को बुधवार को पारित किया था। इसमें रूस के नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ मॉस्को के रक्षा उद्योग में सहयोग करने वालों तथा उसके तथाकथित ‘शेडो फ्लीट’ (प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहाजों के नेटवर्क) पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।
यह अधिनियम राष्ट्रपति ट्रंप को रूस से तेल एवं गैस खरीदने वाले चीन तथा भारत समेत अन्य देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार भी देता है।
यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिन के भीतर लागू होगा।
कानून को लागू करने के संबंध में ट्रंप को व्यापक विवेकाधिकार दिया गया है। इसमें यह तय करना भी शामिल है कि किन देशों पर शुल्क लगाया जाए, शुल्क की दर क्या हो और प्रतिबंधों से संबंधित प्रावधानों में छूट दी जाए या नहीं।
यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिन के भीतर लागू होगा। इसके तहत राष्ट्रपति को उन देशों से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाना होगा, जो कानून लागू होने से पहले के 12 महीनों के दौरान कुल मात्रा के हिसाब से रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदार रहे हों।
किसी देश को गैस से संबंधित शुल्क से छूट मिल सकती है, बशर्ते संबंधित अवधि में उसने रूस से जितनी गैस खरीदी हो, वह रूस के कुल गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम हो और उस देश ने रूसी गैस का आयात घटाने के लिए ‘‘महत्वपूर्ण कदम’’ उठाए हों।
PTI के इनपुट के साथ
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