होमकानूनझारखंड में जड़-से जड़ धरना: जेम्मो ने 260 प्रखंडों में MMDR कानून को वापस लेने की मांग की
कानून

झारखंड में जड़-से जड़ धरना: जेम्मो ने 260 प्रखंडों में MMDR कानून को वापस लेने की मांग की

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य भर के सभी प्रखंड मुख्यालयों में एक साथ धरना-प्रदर्शन किया, नई खान‑ए‑खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम को रद्द करने की माँग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। जामूमो के कई नेताओं ने बताया कि इस कानून से राज्य की सामाजिक‑आर्थिक योजनाओं पर भारी असर पड़ेगा और यदि संशोधन नहीं हुआ तो व्यापक आर्थिक नाकेबंदी सहित बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की गई।

19 सितंबर 2026 को 01:05 pm बजे
झारखंड में जड़-से जड़ धरना: जेम्मो ने 260 प्रखंडों में MMDR कानून को वापस लेने की मांग की

सौजन्य से:- ETV Bharat

MMDR कानून के खिलाफ झामुमो का राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी

खान एवं खनिज विकास और विनियमन अधिनियम के खिलाफ झामुमो की ओर से राज्यभर के प्रखंड कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन किया गया. रिपोर्ट-उपेंद्र कुमार

Published : September 19, 2026 at 4:52 PM IST

रांची: झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता-कार्यकर्ता नए MMDR कानून को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदेश भर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. राज्य के सभी 260 प्रखंड कार्यालयों के बाहर शनिवार को झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. इस क्रम में रांची के नामकुम प्रखंड कार्यालय के सामने भी जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और केंद्र की सरकार से MMDR कानून को वापस लेने की मांग की.

राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में झामुमो का धरना-प्रदर्शन

अलग-अलग प्रखंड मुख्यालय में आज के धरना कार्यक्रम को सफल बनाने की जिम्मेवारी अलग-अलग नेताओं को सौंपी गई है. पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार रांची के तमाड़ में वहां के स्थानीय विधायक विकास सिंह मुंडा ने धरना का नेतृत्व किया तो सिल्ली में झामुमो के स्थानीय विधायक अमित कुमार महतो ने यह जिम्मेवारी संभाली.

इसी तरह राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी ने मांडर प्रखंड कार्यालय के सामने MMDR के खिलाफ हुए धरने का नेतृत्व किया. झामुमो के रांची जिलाध्यक्ष मुस्ताक आलम ने चान्हो प्रखंड में अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया तो नामकुम प्रखंड में झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य अंतु तिर्की ने धरना का नेतृत्व किया.

MMDR कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन होगा-अंतु तिर्की

नामकुम प्रखंड मुख्यालय के सामने MMDR कानून के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा के धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अंतु तिर्की ने बताया कि जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार ने MMDR कानून में संशोधन किया है, उससे फायदा की जगह राज्य को बड़ा आर्थिक नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि राज्य में कई ऐसी योजनाएं चल रही हैं, जो समाज को सशक्त बनाती हैं, लेकिन MMDR कानून का दुष्परिणाम यह होगा कि राज्य की कई जन-कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने में मुश्किल होगी.

उन्होंने कहा कि इस कानून के विरोध में झामुमो ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर रखी है. इसमें राज्य में आर्थिक नाकेबंदी भी शामिल है. अंतु तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से साफ हो गया है कि मोदी सरकार आदिवासी-मूलवासियों के साथ-साथ झारखंड विरोधी है, लेकिन झामुमो और उसके नेता ऐसा कोई काम नहीं होने देंगे जिससे झारखंड को आर्थिक और सामाजिक तौर पर नुकसान उठाना पड़े.

कोडरमा के 6 प्रखंडों में झामुमो का धरना

वहीं कोडरमा में भी एमएमडीआर कानून के खिलाफ आज झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिले के सभी 6 प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन किया. सदर प्रखंड मुख्यालय के समक्ष झामुमो के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे के नेतृत्व में धरना दिया गया, जिसमें पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता भी शामिल हुईं. इस मौके पर जेएमएम के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने कहा कि इस धरना-प्रदर्शन के जरिए एमएमडीआर कानून को वापस लेने की मांग की जा रही है. इसके बावजूद भी अगर संशोधन बिल वापस नहीं लिया गया तो जेएमएम जिलास्तर और राज्यस्तर पर व्यापक आंदोलन करेगा. वहीं जेएमएम नेत्री और जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने भी MMDR कानून का विरोध किया.

धनबाद के निरसा प्रखंड के समक्ष झामुमो का प्रदर्शन

इधर, धनबाद के निरसा प्रखंड कार्यालय के समक्ष भी शनिवार को झामुमो की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया. जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एमएमडीआर कानून को वापस लेने की मांग की. प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली. महिलाओं ने हाथों में पार्टी का झंडा लेकर कानून के विरोध में आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की.

पाकुड़ के 6 प्रखंडों में झामुमो का धरना-प्रदर्शन

वहीं खान एवं खनिज संशोधन कानून के खिलाफ पाकुड़ जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों के समक्ष झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पाकुड़ के महेशपुर, पाकुड़िया, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा व हिरणपुर प्रखंड में भी धरना-प्रदर्शन किया गया.

पाकुड़ जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम ने किया. मौके पर झामुमो जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड में सरकार को अस्थिर व परेशान करने की मंशा से यह कानून बनाया गया है. केंद्र सरकार झारखंड को ही कमजोर करने की साजिश रच रही है. वहीं मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम यादव, प्रखंड अध्यक्ष मो. मुस्लिउद्दीन शेख, हबीबुर रहमान, इस्माइल शेख, प्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे.

ये भी पढ़ें-

MMDR पर राजनीति तेज, आंदोलन और कानूनी लड़ाई से पहले आमने सामने हुई भाजपा-कांग्रेस

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →

ताज़ा ख़बरें