होमवकीलतीसरा जज भी, भीमा कोरेगांव केस की सुनवाई से अलग हुआ, क्यों?
वकील

तीसरा जज भी, भीमा कोरेगांव केस की सुनवाई से अलग हुआ, क्यों?

सुप्रीम कोर्ट के तीसरे जज ने भीमा कोरेगांव मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले दो अन्य जजों ने भी इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

22 जुलाई 2026 को 01:12 am बजे
तीसरा जज भी, भीमा कोरेगांव केस की सुनवाई से अलग हुआ, क्यों?

सौजन्य से:- Hindustan

कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के जज, भीमा कोरेगांव केस की सुनवाई से क्यों खुद को अलग किया?

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर ऐसे तीसरे जज हैं जिन्होंने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले, जज एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया था।

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रशेखर ने 2018 के भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी वकील सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को मंगलवार को अलग कर लिया। गाडलिंग की याचिका न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की पीठ के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई थी। पीठ के समक्ष मामला सुनवाई के लिए आने पर न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि यह किसी दूसरी पीठ के समक्ष जाएगा, मेरे साथी जज को कुछ दिक्कत है।

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर ऐसे तीसरे जज हैं जिन्होंने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले, जज एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया था।

पिछले हफ्ते गाडलिंग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने यह मामला उठाया था और याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। सिब्बल ने कहा था कि गाडलिंग साढ़े सात साल से जेल में हैं। उन्होंने मामले में जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था।

कॉलेजियम की अक्सर बिना सोचे-समझे आलोचना होती है : CJI

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को कभी-कभी ‘बहुत ही सतही आलोचना’ का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों से जो वास्तव में न्यायिक प्रणाली के कामकाज के बारे में नहीं जानते हैं। सीजेआई ने कहा कि कोई भी निर्णय लेते समय, कॉलेजियम कई महत्वपूर्ण और प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखता है, खासकर जब संवैधानिक अदालतों में नियुक्ति के लिए जजों को शॉर्ट-लिस्ट किया जाता है।

सीजेआई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस अरुण पल्ली और जस्टिस वी. मोहना के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिन्होंने पिछले महीने शीर्ष अदालत के जज के रूप में शपथ ली थी।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब कॉलेजियम शीर्ष अदालत में पदोन्नति के लिए नामों की सिफारिश करता है, तो प्रदर्शन, जज के रूप में पहले की गई सेवा अवधि, अतीत में संभाले गए पद और यहां तक कि उनके पेशेवर जीवन सहित विभिन्न कारकों को ध्यान में रखा जाता है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

लेखक के बारे में

Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।

एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।

हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।

काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सोशल मीडिया विजिबिलिटी विश्वसनीयता नहीं: सीजेआई सूर्यकांत की युवा वकीलों को बड़ी सलाह
वकील

सोशल मीडिया विजिबिलिटी विश्वसनीयता नहीं: सीजेआई सूर्यकांत की युवा वकीलों को बड़ी सलाह

रिव्यू याचिका की तैयारी में अधिवक्ता संघ, नैनीताल हाईकोर्ट शिफ्टिंग को हाईकोर्ट प्रशासनिक आदेश से वापस लेने की मांग
वकील

रिव्यू याचिका की तैयारी में अधिवक्ता संघ, नैनीताल हाईकोर्ट शिफ्टिंग को हाईकोर्ट प्रशासनिक आदेश से वापस लेने की मांग

अधिवक्ता संघ ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की, नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्टिंग पर सवाल
वकील

अधिवक्ता संघ ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की, नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्टिंग पर सवाल

सावन में ज्ञानवापी में जलाभिषेक की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, कल होगी सुनवाई
वकील

सावन में ज्ञानवापी में जलाभिषेक की अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, कल होगी सुनवाई

फेमा उल्लंघन: ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी को दी बड़ी राहत, जुर्माना रद्द
वकील

फेमा उल्लंघन: ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी को दी बड़ी राहत, जुर्माना रद्द

सुप्रीम कोर्ट 10वी अनुसूची की व्याख्या पर सुनवाई करेगा, न्याय स्थगन चाहते हैं कपिल सिब्बल
वकील

सुप्रीम कोर्ट 10वी अनुसूची की व्याख्या पर सुनवाई करेगा, न्याय स्थगन चाहते हैं कपिल सिब्बल

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कहा, भोजशाला के पास जुमे की नमाज के लिए बेहतर जगह दें
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कहा, भोजशाला के पास जुमे की नमाज के लिए बेहतर जगह दें

सुप्रीम कोर्ट ने बताया- देश भर के पुलिस स्टेशनों में CCTV लगाने के लिए तेजी से काम हो रहा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने बताया- देश भर के पुलिस स्टेशनों में CCTV लगाने के लिए तेजी से काम हो रहा

ताज़ा ख़बरें