सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव रोचक हुआ, पूर्व मुख्य न्यायाधीश की दौड़ में
वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है, जो 18 अगस्त 2026 को होने वाले चुनाव में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सिद्धार्थ मृदुल ने नवंबर 2024 में मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में वकालत शुरू की थी। इससे पहले वह अक्टूबर 2023 में मणिपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले वह लंबे समय तक दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश रहे।
दिलचस्प हुआ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव, अध्यक्ष पद की दौड़ में उतरे मणिपुर हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
वरिष्ठ अधिवक्ता और मणिपुर हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। 18 अगस्त 2026 को होने वाले चुनाव में उनके उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। इससे पहले वह दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश और मणिपुर HC के चीफ जस्टिस रह चुके हैं।
सिद्धार्थ मृदुल ने नवंबर 2024 में मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद दोबारा सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में वकालत शुरू की थी। इससे पहले वह अक्टूबर 2023 में मणिपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले वह लंबे समय तक दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश रहे।
कन्वर्सेशन शुरू करें
Legalकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना विभाजन मामले में पार्टी संविधान की जांच की, चुनाव चिन्ह विवाद पर सुनवाई जारी

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ: संस्थानों को प्रश्नों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए

गौरव भाटिया की अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारी, क्या है उनकी चुनौती?

पलामू डीएमओ पर 50 हजार का जुर्माना: कोर्ट ने माना कि डीएमओ को कानून की जानकारी नहीं है

डाबर ने एफएसएसएआई के शुद्धता दावों पर प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट में अपील की

सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग पोर्टल पर उच्च न्यायालयों की कार्यवाही पर रोक लगा दी

दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा, न्यायिक अधिकारी सरकारी कर्मचारी नहीं, इसलिए अलग नियम

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG सुधारों पर सुनवाई 19 अगस्त तक टाल दी
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट: ज़ेरॉक्स इंडिया को फोटोकॉपियर बनाने के लिए मॉड्यूल की 'किटिंग' गतिविधि उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत 'निर्माण' नहीं
- 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी के लिए नहीं मिला PUC सर्टिफिकेट, मालिक ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई।
- बिहारशरीफ में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी शुरू, अधिवक्ताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
- राजनीतिक दल पर पार्टी विधायकों का अधिपत्य: सुप्रीम कोर्ट
- पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा को जमानत की उम्मीद, स्वास्थ्य ही रहा बातचीत का आधार
- नागरिक संपत्ति विवादों में पुलिस हस्तक्षेप पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में कहा, राजनीतिक दल के नियम विधायक दल के बहुमत से ऊपर
- मेटा और सरकार के बीच चलेगी 3-4 दिन की मीटिंग, भारतीय कानूनों को पालन करने के सवाल पर चर्चा

