अभिषेक बनर्जी, ममता के भतीजे आंखों का इलाज कराने के लिए फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों का इलाज कराने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगायी है. उनका कहना है कि वे देश के किसी अस्पताल में अपनी आंखों का इलाज नहीं कराना चाहते, विदेश जाकर ही इलाज करायेंगे.

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
विदेश जाने की जिद पर अड़े अभिषेक बनर्जी, कलकत्ता हाईकोर्ट के इनकार के बाद फिर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
अभिषेक बनर्जी ने फिर सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका.
TMC नेता अभिषेक बनर्जी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने पर अड़े हुए हैं. कई कानूनी जांच का सामना कर रहे ममता बनर्जी के भतीजे विदेश जाने की अनुमति लेने के लिए लगातार कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से इनकार के बाद उन्होंने फिर से शीर्ष अदालत में गुहार लगायी है. जानें पूरा मामला.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश जाने पर अड़े हुए हैं. पहले कलकत्ता हाईकोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट और इसके बाद एक बार फिर हाईकोर्ट ने उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दया. अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है. उनका कहना है कि वे देश के किसी अस्पताल में अपनी आंखों का इलाज नहीं कराना चाहते. विदेश जाकर ही इलाज करायेंगे.
क्या था पूरा मामला और हाईकोर्ट का रुख?
अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी. हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. 20 जुलाई को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा- आपकी आंखों का इलाज कोलकाता के अस्पतालों में क्यों नहीं कराया जा सकता? अदालत आपको विदेश जाने की अनुमति तभी दे सकती है, जब इस इलाज की सुविधा यहां उपलब्ध न हो.
हर नागरिक को कहीं भी इलाज कराने का अधिकार है, लेकिन याचिकाकर्ता के खिलाफ कई मुकदमे लंबित हैं. इसीलिए अदालत ने एसएसकेएम की राय मांगी थी. -जस्टिस सौगत भट्टाचार्य, कलकत्ता हाईकोर्ट
‘मेडिकल बोर्ड की सिफारिश पर ही जा पायेंगे विदेश’
पीठ ने उनसे पूछा कि क्या आपने कभी एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल में जांच करायी है? हाईकोर्ट ने सुझाव दिया था कि एसएसकेएम के डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड बनाया जाये. जांच के बाद यदि बोर्ड सिफारिश करता है कि अभिषेक का विदेश जाना जरूरी है, तभी उन्हें देश से बाहर जाने की अनुमति मिलेगी. लेकिन, अभिषेक बनर्जी ने बोर्ड के सामने उपस्थित होने से इनकार कर दिया.
ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती, जानें पूरा मामला
हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे टीएमसी सांसद
सिंगल बेंच के इस फैसले को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में चुनौती देने की बजाय अभिषेक बनर्जी सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गये. शीर्ष अदालत में उनके वकील ने कहा कि सांसद ने संबंधित मामलों में जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया है और अपने आवाज का नमूना (Voice Sample) भी जमा कराया है. इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने से रोका जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक को वापस कलकत्ता हाईकोर्ट भेजा
उस समय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने याचिका पर तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के भतीजे को वापस कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्देश दिया. शीर्ष अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि इस विषय पर कलकत्ता हाईकोर्ट में ही सुनवाई होगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि वह एक सप्ताह के भीतर यह फैसला करे कि अभिषेक बनर्जी इलाज के लिए विदेश जा सकते हैं या नहीं.
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एसएसकेएम जाने के सुझाव पर वकील को आपत्ति
मामला दोबारा हाईकोर्ट पहुंचने पर जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के जज भी देश में ही अपना इलाज कराते हैं. इसलिए सांसद को भी एसएसकेएम अस्पताल जाना चाहिए. इस पर अभिषेक बनर्जी की वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा कि उनके मुवक्किल एसएसकेएम अस्पताल में इलाज नहीं कराना चाहते. वे विदेश ही जाना चाहते हैं. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.
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By मिथिलेश झा
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